जबरन भरी मांग, फिर खेतों में किया दुष्कर्म... क्यों चुप है बागपत पुलिस ?

जब भी इंसान मुसीबत में होता है उसे लगता है उसकी मदद केवल पुलिस ही कर सकती है,मामला कोई भी हो इंसान पुलिस पर भरोसा कर मदद के लिए उसी के पास जाता है पर क्या ही हो की जब पुलिस ही पीड़ितों की सुनने के बजाय उन्ही से नोकझोंक करने लग जाए...

ऐसा ही एक मामला सामने आया बागपत से, जहाँ ऐसा लग रहा है की आजकल खाकी भी अपराधियों का साथ देने में जुट गई है जी हाँ मामला बड़ा ही अजीब है, दरअसल रमाला थाना क्षेत्र के एक गांव में विशेष संप्रदाय की एक किशोरी को उसके ही गांव के दो दबंग युवकों ने बाइक पर अगवा कर लिया और उसे ईंख के खेत में ले गए, एक आरोपी ने पीड़िता की मांग भर दी और उसके बाद ईंख के खेत में दुष्कर्म कर दिया। वह किसी तरह आरोपियों के पास से निकल भागी और ईंट भट्ठे पर पहुंच गई. आरोपी वहां भी उसके पीछे आ गए, लेकिन उसने अपने भाई को बुला लिया, उसके बाद आरोपी फरार हो गए. 

खाकी से उठा विश्वास

पीड़िता की शिकायत के बाद रमाला पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को पकड़ लिया है,  कुछ ही देर बाद दोनों को छोड़ दिया और कोई कार्रवाई नही की.

पीड़िता और उसका परिवार पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। यही कारण है कि पीड़ित परिवार और पुलिस की थाने में नोकझोंक भी हुई और पीड़ित परिवार न्याय न मिलता देख थाने से चला गया.

रमाला थाना क्षेत्र के एक गांव में यह सनसनीखेज घटना दो अप्रैल की है। 16 वर्षीय किशोरी अपने माता-पिता के साथ ईंट भट्ठे से घर आ रही थी। वह कुछ पीछे रह गई तो उसी दौरान गांव के ही दो युवक वहां आए और उसे जबरन बाइक पर बैठाकर ले गए.

दोनों उसे जंगल में एक नलकूप पर ले गए। आरोप है कि एक आरोपी ने जबरन उसकी मांग भर दी। उसके बाद दोनों उसे ईंख के खेत में उठाकर ले गए और एक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वह किसी तरह उनके चंगुल से निकल भागी और एक ईंट भट्ठे पर पहुंची और भट्ठे पर मौजूद लोगों को घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर बाद दोनों आरोपी उसके पीछे बाइक पर ही भट्ठे पर ही आ गए और उसे जबरन अपने साथ ले जाने लगे.

उधर, उसका भाई भी मौके पर पहुंचा तो दोनों आरोपी फरार हो गए। इस घटना की जानकारी उसने परिवार के लोगों को दी तो तीन अप्रैल को उसने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरेापियों को पकड़ लिया। उधर, पुलिस आरोपी युवक और पीड़िता का घटनास्थल पर ले गए और घटना की जांच करने लगी। पुलिस ने घटनास्थल पर पीड़िता के आरोपों को ही नकार दिया और आरोपितों के पक्ष में खड़ी हुई दिखाई दी.

दोनों पक्ष थाने पहुंचे तो इसी बात को लेकर पीड़िता के परिवार के लोगों और पुलिस की नोंकझोंक भी हुई। कैमरा देखते ही इंस्पेक्टर शिवप्रकाश पीड़िता और उसके परिवार के लोगों को अंदर ले जाने लगे, लेकिन वह नहीं गए और हंगामा करते हुए पुलिस पर आरोप लगाते हुए थाने से न्याय न मिलने पर चले गए.

लेकिन आपको बता दें कि जनता का विश्वास खाकी से उड़ता ही जा रहा है ऐसा ही मामला देखने को मिला है घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन पीड़ितों के थाने से जाते ही पुलिस ने दोनों आरोपितों को छोड़ दिया

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