कभी राजा अरिदमन की साइकिल, तो रानी पक्षालिका के कमल ने कैसे पलटा बाह का पूरा खेल?

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की बाह विधानसभा सीट...जहां 2012 में समाजवादी पार्टी का दबदबा था, लेकिन 2017 में सियासी तस्वीर बदली और भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी एंट्री मारी कि 2022 में भी कमल खिल गया! BJP की रानी पक्षालिका सिंह ने लगातार दो विधानसभा चुनाव जीतकर इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत की। वहीं, 2012 में जीत दर्ज करने वाले राजा महेंद्र अरिदमन सिंह 2017 में अपनी सीट बरकरार नहीं रख सके। खास बात यह है कि मधुसूदन शर्मा तीनों चुनावों में प्रमुख मुकाबले का हिस्सा रहे, लेकिन हर बार अलग सियासी समीकरण के बीच। आखिर बाह में कैसे बदला सत्ता का खेल? 2012 से 2022 तक किस पार्टी का पलड़ा भारी रहा और 2027 में क्या रानी पक्षालिका सिंह की जीत की हैट्रिक लगेगी या विपक्ष कोई नया समीकरण बनाएगा? आइए जानते हैं बाह विधानसभा सीट का पूरा चुनावी इतिहास।

सबसे पहले बात करते हैं 2012 के विधानसभा चुनाव की। उस समय बाह सीट पर समाजवादी पार्टी के राजा महेंद्र अरिदमन सिंह ने जीत दर्ज की थी। उनका मुकाबला बहुजन समाज पार्टी के मधुसूदन शर्मा से हुआ। राजा महेंद्र अरिदमन सिंह को 99,379 वोट मिले, जबकि BSP के मधुसूदन शर्मा को 72,908 वोट हासिल हुए। इस तरह SP उम्मीदवार ने 26,471 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। भारतीय जनता पार्टी के आकाशदीप को 2,411 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। वहीं कांग्रेस के अमर चंद्र शर्मा को 2,131 वोट हासिल हुए। इस चुनाव में मतदान प्रतिशत लगभग 60 रहा। नतीजों ने बाह सीट पर समाजवादी पार्टी की मजबूत स्थिति को सामने रखा। राजा महेंद्र अरिदमन सिंह ने मधुसूदन शर्मा को पीछे छोड़कर विधानसभा में जगह बनाई। लेकिन सियासत में तस्वीर हमेशा एक जैसी नहीं रहती। 2017 आते-आते बाह सीट पर मुकाबले का रुख बदलने वाला था।

अब बात करते हैं 2017 के विधानसभा चुनाव की। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने बाह सीट पर जीत दर्ज की और रानी पक्षालिका सिंह विधायक चुनी गईं। रानी पक्षालिका सिंह को 80,567 वोट मिले, जबकि BSP के मधुसूदन शर्मा को 57,427 वोट हासिल हुए। BJP ने 23,140 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। समाजवादी पार्टी की हंसकली उर्फ अंशु रानी निषाद 46,885 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। 2012 में जीतने वाली समाजवादी पार्टी इस बार पहले स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गई। वहीं BJP ने रानी पक्षालिका सिंह के नेतृत्व में सीट पर कब्जा जमा लिया। इस चुनाव का एक अहम पहलू यह भी रहा कि मधुसूदन शर्मा लगातार दूसरी बार बाह सीट पर प्रमुख मुकाबले में रहे। 2012 में BSP उम्मीदवार के तौर पर दूसरे स्थान पर रहे थे और 2017 में भी उन्हें दूसरा स्थान मिला। 2017 के नतीजों ने साफ कर दिया कि बाह विधानसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण बदल चुके थे। लेकिन BJP की चुनौती सिर्फ एक चुनाव जीतने तक सीमित नहीं थी, बल्कि अगली बार सीट बरकरार रखने की भी थी।

अब आते हैं 2022 के विधानसभा चुनाव पर। BJP ने एक बार फिर रानी पक्षालिका सिंह पर भरोसा जताया और उन्हें उम्मीदवार बनाया। रानी पक्षालिका सिंह ने पार्टी के भरोसे को सही साबित करते हुए लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। उन्हें 78,360 वोट मिले। समाजवादी पार्टी के मधुसूदन शर्मा 54,125 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि BSP के नितिन वर्मा को 50,618 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के मनोज दीक्षित को 1,229 वोट हासिल हुए। रानी पक्षालिका सिंह ने SP के मधुसूदन शर्मा को 24,235 वोटों के अंतर से हराया। इस चुनाव में मतदान प्रतिशत लगभग 56.9 रहा। यहां गौर करने वाली बात यह है कि 2022 में मधुसूदन शर्मा ने BSP के बजाय समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। वहीं BSP के नितिन वर्मा तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 50 हजार से ज्यादा वोट मिले। BJP ने 2017 की जीत को 2022 में भी बरकरार रखा। इस तरह रानी पक्षालिका सिंह बाह सीट से लगातार दो बार विधायक चुनी गईं।

अब सबसे बड़ा सवाल 2027 के विधानसभा चुनाव में बाह का सियासी समीकरण क्या होगा?क्या BJP की रानी पक्षालिका सिंह लगातार तीसरी जीत की ओर बढ़ पाएंगी? क्या समाजवादी पार्टी पिछली हार से सबक लेकर मजबूत चुनौती पेश करेगी? और क्या BSP अपने पुराने वोट आधार को फिर से एकजुट कर पाएगी? 2027 का चुनाव किन मुद्दों पर लड़ा जाएगा, कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में होंगे और मतदाताओं का रुख क्या रहेगा इन सभी बातों से मुकाबले की तस्वीर तय होगी। बाह सीट के पिछले तीन चुनाव बताते हैं कि यहां राजनीतिक प्रतिनिधित्व बदल चुका है। 2012 में SP ने जीत हासिल की, जबकि 2017 और 2022 में BJP ने लगातार दो बार बाजी मारी। अब देखना होगा कि आगामी चुनाव में BJP अपनी जीत की लय बरकरार रखती है या विपक्षी दल नया सियासी समीकरण तैयार करते हैं।

तो यह था आगरा जिले की बाह विधानसभा सीट का पूरा चुनावी सफर 2012 में समाजवादी पार्टी की जीत, 2017 में BJP की एंट्री और 2022 में रानी पक्षालिका सिंह की लगातार दूसरी जीत। अब 2027 के चुनाव में बाह की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, यह आने वाला वक्त बताएगा। क्या BJP जीत की हैट्रिक लगाएगी या SP और BSP मुकाबले को नया मोड़ देंगे? 

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