मालखेड़ी, पर्रापुर में बाघ के आतंक पर विधायक मधु भगत का विवादित बयान
बालाघाट : परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन से ग्राम मालखेड़ी, पर्रापुर सहित सात गांवों में लगातार बढ़ते बाघ के आतंक के बीच कांग्रेस विधायक मधु भगत का एक तीखा और विवादित बयान सामने आया है। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए विधायक ने कहा कि यदि बैगा आदिवासियों के हाथों में उनका पारंपरिक तीर-कमान आ गया, तो वे गिन-गिनकर जंगली जानवरों का शिकार करेंगे और “मैं भी उनके साथ आगे रहकर हमला करूंगा।” विधायक के इस बयान के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। दरअसल, परसवाड़ा क्षेत्र के ग्राम पर्रापुर में कुछ दिन पहले बाघ ने एक महिला को अपना शिकार बना लिया था, जबकि मालखेड़ी में बाघ के हमले में एक किसान गंभीर रूप से घायल हुआ। इसके बाद से बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया। किसान खेत नहीं जा रहे हैं। ग्रामीण शाम के बाद घरों में कैद हो जाते है। इतना ही नहीं दिन में ग्रुप में बाहर निकलते है। इन घटनाओं के बाद विधायक मधु भगत प्रभावित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बाघ की दहशत और वन विभाग की कथित लापरवाही को लेकर विधायक के सामने नाराजगी जताई। इसके बाद विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल में बाघ के हमले से चार लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन वन विभाग समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा है। इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बैगा आदिवासी का निशान तीर-कमान है। जिस दिन यह तीर-कमान उनके हाथों में आ गया, उस दिन वे गिन-गिनकर जंगली जानवरों को मारेंगे और वन विभाग उन्हें रोक नहीं पाएगा।
विधायक ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंगली जानवरों को मारने पर आदिवासियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और लाखों रुपये की मांग की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि वन्यजीवों के हमले रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो गांव से लेकर भोपाल तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा और विभाग में कथित भ्रष्टाचार की पोल खोली जाएगी। विधायक के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
रिपोर्टर : विशाल महानंद
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