बालोद जिले के गन्ना किसानों के लिए वरदान बनी प्रदेश की पहली हार्वेस्टर मशीन, अब खेती होगी हाईटेक और मुनाफा होगा डबल

बालोद : जिले में गन्ना उत्पादक किसानों के लिए खुशहाली के नए द्वार खुल गए हैं। जिला प्रशासन की अभिनव पहल से जिला खनिज न्यास के वित्तीय सहयोग से दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना को प्रदेश की पहली अत्याधुनिक गन्ना हार्वेस्टर मशीन मिल गई है। यह कदम न केवल खेती को आसान बनाएगा, बल्कि गन्ना उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगा।
दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना शक्कर के प्रबंध संचालक श्री आर पी राठिया ने बताया कि बालोद जिले में यह अत्याधुनिक मशीन गन्ना कटाई की पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है।  जहाँ पहले कटाई में हफ्तों लगते थे, वहीं यह मशीन एक ही दिन में 80 से 100 टन गन्ने की कटाई और छिलाई कर सकती है। अब किसानों को गन्ना की कटाई हेतु मजदूरों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। कटाई, छिलाई और लोडिंग का काम एक साथ होने से लागत में भारी कमी आएगी। उन्होंने बताय कि मशीन गन्ने की कटाई इस तरह से करती है कि किसानों को अगली फसल के लिए ’’रेटुन (ठूँठ)’’ का अलग से प्रबंधन नहीं करना होगा। कटाई के साथ ही गन्ना सीधे इनफील्डर के जरिए ट्रैक्टर या ट्रक में लोड हो जाता है, जिससे परिवहन भी तेज होगा।
जिले के ग्राम दुधली के गन्ना उत्पादक किसान श्री प्रेमशंकर देशमुख ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि वे 2017 से गन्ने की खेती कर रहे हैं, पहले मजदूरों की कमी और बढ़ते खर्च के कारण खेती में मुनाफा कम मिलता था। अब हार्वेस्टर मशीन आने से कटाई की चिंता दूर हो गई है। समय पर लोडिंग होने से गन्ना बेचना आसान होगा। जिला प्रशासन की यह पहल हम किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। बालोद जिला प्रशासन का यह नवाचार जिले में गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। जब लागत घटेगी और समय बचेगा, तो किसान गन्ने की खेती के प्रति और अधिक प्रोत्साहित होंगे।  

रिपोर्टर : रमेश कुमार चेलक 

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