कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वयं श्रमदान कर ग्रामीणों को जल संरक्षण हेतु किया प्रोत्साहित

बालोद - जिले में जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में वृद्धि करने हेतु आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भाठागांव (आर) में जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 2.0) अंतर्गत नीर चेतना अभियान के तहत 5000 ट्रेंच निर्माण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जल हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। जल के बिना भविष्य की कल्पना भी नही की जा सकती। गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए हमें सजग होने की आवश्यकता है। ट्रेंच निर्माण वर्षा जल को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसे जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राथमिकता से अपनाया जाना चाहिए। श्रीमती मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन बालोद द्वारा भू-जल स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ’नीर चेतना अभियान’ के अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड में कुल 20 हजार वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम भाठागांव आर के समीप बहने वाले नाले के समांतर 05 हजार ट्रेंच का निर्माण कार्य का आज शुभारंभ हुआ है। जिससे भविष्य में 27 लाख लीटर जल संचित होगा। उन्होंने बताया कि विकासखण्ड में 20 हजार ट्रेंच निर्माण के पश्चात लगभग 01 करोड़ 35 लाख लीटर वर्षा जल संरक्षण की संभावना है।
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील चंद्रवंशी एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने ट्रेंच निर्माण हेतु श्रमदान किया और ग्रामीणों को इस मुहिम से जुड़ने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने जन प्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों और बिहान समूह की महिलाओं से अपील की कि वे जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप दें। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक श्री लेखराम साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कान्ती सोनेश्वरी, जनपद अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम चन्द्राकर, जनपद सदस्य श्री कौशल सुरेश साहू, श्री रामेश्वर चन्द्राकर के अलावा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती निखत सुल्ताना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, बिहान समूह की दीदियाँ एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि गुण्डरदेही विकासखण्ड वर्तमान में भू-जल स्तर की दृष्टि से ’सेमी-क्रिटिकल जोन’ में शामिल है। ’नीर चेतना अभियान’ के तहत वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच तकनीक को अपनाया जा रहा है। इन ट्रेंच के माध्यम से वर्षा जल सीधे जमीन के भीतर जाएगा। जिससे न केवल भू-जल स्तर ऊपर उठेगा, बल्कि मृदा संरक्षण और क्षेत्र की हरियाली में भी वृद्धि होगी। 
 
रिपोर्टर - रमेश कुमार चेलक 
 

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