स्वामित्व योजना से ग्रामीणों का सपना हुआ साकार

बालोद : राज्य शासन की लोक-कल्याणकारी पहल और श्राजस्व पखवाड़ाश् के सफल क्रियान्वयन से बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली की नई लहर देखी जा रही है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजनाके अंतर्गत अब ग्रामीणों को उनकी जमीन और मकान का वास्तविक मालिकाना हक मिल रहा है, जिससे वर्षों पुराने संपत्ति विवादों का अंत हो रहा है।
बालोद जिले के निर्धारित 669 ग्रामों में ड्रोन सर्वे का कार्य शतप्रतिषत पूर्ण कर लिया गया है। यह प्रशासन की तत्परता और आधुनिक तकनीक के प्रति सजगता का परिणाम है। जिले में सर्वे और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से पूर्ण करने के बाद अब तक 12 गांवों के कुल 1,296 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित घरों और बाड़ियों का आधुनिक ड्रोन तकनीक से सटीक सर्वे किया गया है, जिससे पारदर्शी तरीके से दस्तावेज तैयार किए गए हैं।
जिला प्रशासन बालोद ने वर्तमान में चल रहे राजस्व पखवाड़े (01 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक) के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इसके अंतर्गत लक्षित गांव 142 में 23,157 अधिकार अभिलेख वितरण का लक्ष्य रखा है। जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम पीकरिपार के निवासी श्री याद राम साहू और श्री माखन लाल साहू ने शिविर के माध्यम से अपना अधिकार अभिलेख प्राप्त किया। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि अब उनके पास अपनी जमीन के पक्के दस्तावेज हैं, जिससे वे भविष्य में बैंक लोन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे। लाभार्थियों ने इस कल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत मिल रहा अधिकार अभिलेख केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण का आधार है। इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर कानूनी सुरक्षा मिली है। 
रिपोर्टर : रमेश कुमार चेलक

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