जल के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु नुक्कड़ नाटक एवं रैली के माध्यम से नागरिकों को कर रही जागरूक

बालोद : जल संचयन जनभागीदारी 2.0 अंतर्गत जिले में नीर चेतना अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में नीर चेतना अभियान के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों के साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम जारी है। जिले के सभी विकासखंडो के ग्रामों में आयोजित शिविर में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जल संरक्षण, जल संचयन के संबंध में नुक्कड नाटक एवं रैली के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया गया साथ ही नुक्कड नाटक के माध्यम से नलों को खुला न छोड़ने, वर्षा जल संचयन अपनाने घरों एवं खेतो में सीमित उपयोग, जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने, जिले के सभी नागरिकों को ’जल है तो कल है’ के संदेश को अपनाते हुए जल संरक्षण के कार्यों में सहभागिता निभाने का संदेश दिया गया, साथ ही प्रत्येक नागरिक को अपने घर में सोखता गढ्ढे के निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
उल्लेखनीय है कि नीर चेतना अभियान के तहत जिले में वृहद स्तर पर अधोसंरचना का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें सोकपीट, स्ट्रेगर ट्रैच, रिचार्ज पीट, रूफ टाप, वाटर हार्वेस्टिंग आदि सम्मिलित है। साथ ही जिला प्रशासन की पहल से जन जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम यथा, रैली, सभा, मानव श्रृंखला, शपथ आदि कराया जा रहा है। नीर चेतना अभियान के तहत विकासखंड डौण्डीलोहारा के ग्राम चिल्हाटीकला में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती हुमलेश्वरी भुआर्य एवं जनप्रतिनिधि के सहयोग से 350 घरों में सोखता गढ्ढा का निर्माण किया गया है और सभी नागरिकों को पानी की उपयोगिता के बारे में बताया गया और भविष्य में जल स्तर को बनाये जाने हेतु प्रेरित किया गया। इसी क्रम में विकासखण्ड गुण्डरदेही, ग्राम पंचायत मोखा की श्रीमती अमलेश्वरी साहू जो कि तानिया स्व-सहायता समूह से जुड़कर एफएलसीआरपी का कार्य कर रही है। ग्राम की महिलाओं को समूह में जोड़ने के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता के बारे में जानकारी देती है।
नीर चेतना अभियान के अन्तर्गत ग्राम पंचायत मोखा में ग्रामीण सहभागिता और जल संरक्षण को बनाए रखने छत्तीसगढ़ शासन के ’नीर चेतना अभियान के तहत ग्रामीणों से जल संरक्षण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोखता गढ़वा एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाया गया। जिसमें श्रीमती अमलेश्वरी साहू द्वारा स्वयं के घर एवं ग्राम के अन्य 15 से 20 घरों में सोखता गढ़ढा एवं रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनवाया गया। तथा लोगो को वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रही है। इसी प्रकार विकासखंड बालोद के ग्राम मटिया से बिहान की कार्यकर्ता श्रीमती बबीता साहू बताती है, कि जिला प्रशासन के नीर चेतना अभियान से प्रभावित होकर मैनें सर्वप्रथम अपने घर में सोखता गढ्ढ़ा बनवाया तत्पश्चात इसके लाम को देखते हुए हमने हमारे ग्राम के सभी समूह के बैठक कर प्रत्येक घर में जलसंरक्षण के इस भागीरथी प्रयास को मूर्त रूप देने का संकल्प किया 08 स्व-सहायता समूह के 92 परिवारों से निरंतर संपर्क कर सोखता गढ्ढ़ा एवं पानी बचाने के अन्य संरचनाओं का निर्माण हम कर रहे है। ग्रामीणो को जल के महत्य और उसके उचित उपयोग के बारे में जागरूक कर रहीं है। इनके निरंतर प्रयासो से भूजल स्तर में अवश्य सुधार होगा तथा भविष्य में जल संकट की समस्या दूर होगी।
रिपोर्टर : रमेश कुमार चेलक 

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