15 जून से 15 जुलाई तक जिले में चलाया जाएगा सघन कुष्ठ खोज अभियान

बालोद - जिला प्रशासन के आदेशानुसार व मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जे एल ऊके के निर्देशन में एवं जिला कुष्ठ नोडल अधिकारी डॉक्टर जी आर रावते के मार्गदर्शन में 15 जून से 15 जुलाई तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाया जाएगा । अभियान की गतिविधियों पर विस्तार पूर्वक चर्चा कर बताया गया कि कुष्ठ एक जीवाणु जनित रोग है यह रोग सभी व्यक्तियों में नहीं होता इनके जीवाणु के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी वाले व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है 
यह धीमी गति से फैलने वाला बीमारी है इनके शुरुआती लक्षण चमड़ी पर तेलिया तामीया बदरंगे दाग शून्यपन सामान्य शब्दों में कहे तो ऐसे दाग जिसमें न खुजली होती है न ही पसीना आता है  दाग वाले हिस्से के बाल झड़ जाते है तथा दाग वाले हिस्से में सूनापन आ जाता है ऐसे दाग कुष्ठ के स्पष्ट लक्षण होते है इसके अतिरिक्त भौहों के बाल झड़ जाना आंखों का बंद न होना आंखों से पसीना आना आंखे लाल हो जाना शरीर  गांठें उभर जाना कानों में दर्द भरी गांठें हो जाना पैरों में बिन दर्द के अल्सर होना पांव का झूल जाना उंगलियों का मूड जाना ये सब भी कुष्ठ। के प्रमुख लक्षण है वर्तमान में बालोद जिले में कुष्ठ के पूरे उन्मूलन के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है ताकि जिले को कुष्ठ मुक्त बनाए जा सके अभियान के दौरान  जिले के स्वास्थ्य विभाग के मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों मितानिनों तथा मितानिन प्रशिक्षकों  द्वारा जिले के समस्त ग्रामों में घर घर जाकर कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की जांच की जा रही ताकि कुष्ठ के रोग को समय रहते पहचान कर उनका इलाज MDT से किया जा सके साथ ही विकृति से बचाव हो सकें क्योंकि MDT दवाई के पहली खुराक से ही मरीज स्वस्थ होने लगता है अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी विभाग से आवश्यक सहयोग लिया जा रहा है जिले के सभी नागरिकों से अपील है कि किसी भी प्रकार के लक्षण होने पर। आप घर जांच के लिए आए स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा मितानिन को अवश्य बताएं ताकि समय रहते इलाज किया जा सके।अभियान के सफल संचालन के लिए सभी विकासखंड में लक्ष्य वार टीमों का गठन किया गया है

रिपोर्टर - रमेश कुमार चेलक

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