25 एकड़ में धान की खेती, लागत में 7 हजार प्रति एकड़ की बचत
बालोद : जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम खल्लारी के प्रगतिशील किसान श्री डिकेश्वर कुमार साहू ने आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर क्षेत्र के किसानों के सामने एक नई मिसाल पेश की है। पारंपरिक खेती के तरीकों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) के माध्यम से खेती को आसान, कम खर्चीला और अधिक लाभदायक बना दिया है। किसान श्री डिकेश्वर लगभग 25 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। पहले उन्हें धान रोपाई के समय मजदूरों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता था। पारंपरिक तरीके से रोपाई कराने पर उन्हें प्रति एकड़ लगभग 08 हजार का खर्च आता था। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से मार्गदर्शन लेकर उन्होंने शुरुआत में हाथ से चलने वाला पैडी ट्रांसप्लांटर खरीदा। इससे मिले बेहतरीन परिणाम और बचत को देखते हुए उन्होंने इस वर्ष छह लाइन वाला आधुनिक पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन खरीदा है। इस आधुनिक मशीन के आने से अब उनकी कृषि लागत और समय दोनों में ऐतिहासिक कमी आई है। किसान ने बताया कि इससे लागत में भारी गिरावट आई है, मजदूरों से रोपाई पर आने वाला 08 हजार रूपए प्रति एकड़ का खर्च अब मशीन के माध्यम से महज 01 हजार रूपए प्रति एकड़ रह गया है। साथ ही समय की बचत भी हो रही है, 25 एकड़ के विशाल रकबे में रोपाई का काम अब बहुत ही कम समय में आसानी से पूरा हो जाता है। मशीन द्वारा पौधों के बीच एक समान और पर्याप्त दूरी बनी रहती है। इससे पौधों को हवा, पानी और खाद सही मात्रा में मिलती है, जिससे फसल का फैलाव बेहतर होता है और पैदावार में बढ़ोतरी हुई है।
किसान डिकेश्वर साहू ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे रोपाई के पुराने तरीकों को छोड़कर आधुनिक मशीनों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं से धान का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिल रहा है। किसानों को इस आर्थिक मजबूती का लाभ उठाकर अपनी खेती को आधुनिक बनाना चाहिए ताकि कम समय और कम लागत में दोगुनी खुशी मिल सके।
क्रमांक/550/ठाकुर/तनवीर
रिपोर्टर : रमेश कुमार
No Previous Comments found.