गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर बालोद में पावन माटी युक्त कलश का भव्य स्वागत

बालोद :  संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी से लाई गई पावन माटी युक्त पवित्र कलश का शनिवार को बालोद जिले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। बंजारी धाम जुंगेरा मंदिर से विधि-विधान एवं बाजे-गाजे के साथ पवित्र कलश को भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय जुंगेरा लाया गया, जहां आयोजित गरिमामय समारोह में पूजा-अर्चना के पश्चात जिले के सभी 17 मंडलों के लिए कलश का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ खाद्य उद्योग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा तथा कबीर आश्रम परसदा के महंत पंचम दास शास्त्री जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

उल्लेखनीय है कि रायपुर स्थित श्रीराम मंदिर में प्रदेश के पूज्य संत-महात्माओं की साक्षी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में वाराणसी से लाई गई पावन माटी युक्त कलश की विधिवत पूजा-अर्चना की गई थी। इसके बाद प्रदेश के सभी 36 संगठन जिलों के अध्यक्षों को यह पवित्र कलश सौंपा गया, ताकि संत रविदास महाराज के समरसता और सामाजिक समानता के संदेश को प्रदेश के प्रत्येक गांव और नगर तक पहुंचाया जा सके।

‘जहां भक्ति है, वहां शक्ति है और जहां समरसता है, वहां समाज की वास्तविक प्रगति’

स्वागत उद्बोधन में भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि जहां भक्ति है, वहां शक्ति है और जहां समरसता है, वहां समाज की वास्तविक प्रगति होती है। संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समरसता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन कार्यक्रम सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश लेकर आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह कलश केवल एक पात्र नहीं, बल्कि पवित्रता, आस्था, मंगल और शुभ संकल्प का प्रतीक है। इसके माध्यम से संत रविदास महाराज के समानता, समरसता और मानवता के विचारों को गांव, शहर, गली और मोहल्ले तक पहुंचाने का संकल्प लिया जा रहा है। समाज को एकजुट कर सद्भावना और सेवा का संकल्प लेने से सकारात्मक परिवर्तन निश्चित होता है।

‘हर काम महत्वपूर्ण है, कोई काम छोटा-बड़ा नहीं’

मुख्य वक्ता श्री संदीप शर्मा ने संत रविदास महाराज के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भक्ति काल के महान संत एवं समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज को कर्म की महत्ता का संदेश दिया। संत रविदास महाराज स्वयं जूता बनाने के कार्य को पूरी निष्ठा और गौरव के साथ करते थे। उनका जीवन यह संदेश देता है कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला ईमानदारी और समर्पण से किया गया कार्य महत्वपूर्ण होता है।

श्री शर्मा ने कहा कि समाज और संगठन में भी प्रत्येक कार्यकर्ता की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चाहे कोई बूथ स्तर पर कार्य कर रहा हो या किसी बड़े दायित्व पर, प्रत्येक व्यक्ति का योगदान संगठन और समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज का जीवन कर्मप्रधान व्यवस्था, सामाजिक जागरण और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में सूचना और संवाद के माध्यम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी सेल एवं व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों के जरिए समाज और संगठन के सकारात्मक कार्यों तथा संतों के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। संत रविदास महाराज निर्गुण भक्ति धारा के महान संत थे और उनके गुरु स्वामी रामानंद जी थे। संत कबीरदास जी उनके समकालीन संत थे और दोनों संतों ने समाज को समानता, भक्ति एवं मानवता का संदेश दिया।

‘संतों के विचारों पर चलने से जीवन सार्थक होगा’

महंत पंचम दास शास्त्री जी ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज महान संत थे। उनके विचारों, मार्गदर्शन और संदेशों पर चलने से जीवन सार्थक होगा। भारत धर्म और अध्यात्म की भूमि है तथा साधु-संत हमारी आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए धर्म, संत परंपरा और सद्विचारों के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।

कार्यक्रम संयोजक टीनेश्वर बघेल ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि क्षेत्र के संत-महात्माओं का सानिध्य भाजपा जिला कार्यालय को प्राप्त हुआ। उन्होंने सभी मंडल अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे पवित्र माटी युक्त कलश को अपने-अपने मंडलों में श्रद्धापूर्वक ले जाकर अधिक से अधिक लोगों को दर्शन लाभ कराएं तथा संत रविदास महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में सहभागी बनें।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री राकेश ‘छोटू’ यादव ने किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज केवल एक संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान प्रकाश स्तंभ थे। उनका संदेश जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को सर्वोच्च स्थान देने का था। उन्होंने संत रविदास महाराज की प्रसिद्ध पंक्तियों—

“ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबको अन्न।
छोटे-बड़े सब बसें, रविदास प्रसन्न॥”

का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पंक्ति समानता, सामाजिक न्याय और सर्वकल्याण की उनकी व्यापक सोच को प्रतिबिंबित करती है।

जिले के सभी मंडलों में होगा भ्रमण

पावन माटी युक्त कलश का आगामी  दिनों में बालोद जिले के सभी मंडलों में भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान संत रविदास महाराज के समरस समाज, सामाजिक समानता, भाईचारे एवं मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वाराणसी से लाई गई पावन माटी के स्वागत एवं समरसता जागरण का यह अभियान जिलेभर में निरंतर संचालित होगा।

उल्लेखनीय है कि ‘समरसता संकल्प अभियान’ 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, एकता और समरसता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन साहू, पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, जिला महामंत्री राकेश ‘छोटू’ यादव एवं सौरभ लुनिया, पूर्व महामंत्री देवेंद्र जायसवाल, देवेंद्र माहला, कार्यक्रम संयोजक एवं टोली सदस्य टीनेश्वर बघेल, कौशल साहू, जयलाल मालेकर, टी.आर. डहरे, जिला उपाध्यक्ष ठाकुर रामचंद्राकार, पवन सोनबरसा, श्रीमती भुनेश्वरी ठाकुर, हरिश कटझरे, मनीष झा, प्रेम साहू, लक्ष्मी साहू, नीतू सोनवानी, लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, कमलेश सोनी, कमल पनपालिया, गुलशन साहू, संतोष कौशिक, समर्थ लाखानी, अजेंद्र साहू, रमेश गुर्जर, पालक ठाकुर, सुनीता मनहर, राजेश दसोडे, लोकेश श्रीवास्तव, बंजारी मंदिर के पुजारी दिनेश द्विवेदी, सभी मंडलों की कार्यक्रम टोली सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : रमेश कुमार चेलक

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