मंशाराम की पत्नी रामकली ने कहा - विष्णु भैया ने दिया पक्का आवास

बालोद : छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से सुदूर वनांचल के अंतिम छोर पर बसे जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कुमुड़कट्टा में पारंपरिक रूप से कुम्हार का कार्य करने वाले श्री मंशाराम और उनकी पत्नी श्रीमती रामकली का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मिले पक्के मकान ने न सिर्फ उनके परिवार को सुरक्षित छत दी है, बल्कि उनके पारंपरिक हुनर को भी नया संबल प्रदान किया है।
कुम्हार श्री मंशाराम वर्षों से पारंपरिक कुम्हारी और कृषि मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे थे। तीज-त्यौहारों के समय, जो कि मुख्य रूप से बारिश के मौसम में आते हैं, उन्हें मिट्टी की मूर्तियां, खिलौने और बर्तन तैयार करने होते थे। कच्चे घर में सीलन और टपकते पानी के कारण उनके बनाए उत्पाद खराब हो जाते थे, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। उम्र के इस पड़ाव में पक्का मकान बनाना उनके लिए एक सपना ही था, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना ने सच कर दिखाया। सहायता राशि और अपनी जमा पूंजी मिलाकर उन्होंने एक मजबूत पक्का मकान तैयार किया है। अब वे बिना किसी मौसमी रुकावट के सुरक्षित छत के नीचे मिट्टी के उत्पाद तैयार कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।
मंशाराम के परिवार को शासन की कई प्रमुख योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से उन्हें सुरक्षित छत और कुम्हारी का कार्य बेहतर ढंग से करने की सुविधा मिली है। भूमिहीन होने के कारण उन्हें पं. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत् प्रतिवर्ष 10 हजार की आर्थिक सहायता सुनिश्चित हो रही है। मंशाराम की पत्नी श्रीमती रामकली को महतारी वंदन योजना के तहत् प्रतिमाह आर्थिक संबलता भी मिल रही है। रामकली ने बताया कि वर्षों से कच्चे मकान में मुश्किलों के बीच काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार में पक्का आवास और महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने से हमारी जिंदगी आसान हो गई है। योजनाओं का लाभ देने के लिए विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद। योजनाओं के इस त्रिवेणी संगम से मंशाराम का परिवार अब स्वाभिमान और आर्थिक स्थिरता के साथ अपनी आजीविका संवार रहा है।
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रिपोर्टर : रमेश कुमार 

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