शहीद दुर्वासालाल निषाद के 26वें शहादत दिवस पर देवरी (ख) में भव्य शहादत समारोह का हुआ आयोजन

बालोद : कारगिल युद्ध के ऑपरेशन रक्षक के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर सपूत शहीद दुर्वासालाल निषाद की स्मृति में शुक्रवार को ग्राम देवरी (ख) में 26वां शहादत दिवस समारोह पूर्ण गरिमा, राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। समारोह में शहीद के पिता श्री मुनीलाल निषाद एवं माता श्रीमती बोधनी बाई निषाद, उपस्थित अन्य शहीदों के परिजनों, मेधावी छात्रों, शिक्षकों एवं वरिष्ठ नागरिकों का आत्मीय अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि ललित चंद्राकर उपाध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण छ.ग. शासन व विधायक दुर्ग ग्रामीण, अध्यक्षता कुसुम प्रमोद देशमुख सरपंच, ग्राम पंचायत देवरी ख, अति विशिष्ट अतिथि कुंवर सिंह निषाद जी विधायक, गुण्डरदेही क्षेत्र,विशिष्ट अतिथिगण श्रीमती तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर अध्यक्ष, जिला पंचायत बालोद ,श्रीमती कांति सोनेश्वरी सदस्य जिला पंचायत बालोद,पुरुषोत्तम चंद्राकर अध्यक्ष जनपद पंचायत गुण्डरदेही,कुलदीप साहू अध्यक्ष भाजपा मंडल ओटेबंद,राजेन्द्र निषाद अध्यक्ष, निषाद समाज जिला बालोद आदि उपस्थित रहे। 
मुख्य अतिथि ललित चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि अमर शहीद दुर्वासालाल निषाद जी का बलिदान देवरी और बालोद क्षेत्र के साथ साथ पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। ऐसे वीरों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और मातृभूमि की सेवा की अमर प्रेरणा देती रहेगी। अति विशिष्ट अतिथि कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि शहीद दुर्वासालाल जी हमारी माटी के गौरव हैं। एक सैनिक जब सीमाओं पर डटा रहता है, तभी हम अपने घरों में सुरक्षित और चैन की नींद सो पाते हैं। शहीद परिवार का सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है, और हम सदैव शहीद दुर्वासालाल जी के परिवार के साथ पूरी निष्ठा से खड़े हैं।विशिष्ट अतिथि श्रीमती तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि यह पावन भूमि धन्य है जिसने ऐसे वीर सपूत को जन्म दिया। अमर शहीद दुर्वासालाल जी के 26वें शहादत दिवस पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करती हूँ। उनका त्याग हम सभी को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। सरपंच कुसुम प्रमोद देशमुख ने कहा कि वीर कभी मरते नहीं, वे अपनी शहादत से इतिहास के पन्नों में अमर हो जाते हैं। आज के इस आयोजन में उपस्थित जनसैलाब और युवा पीढ़ी का उत्साह यह दर्शाता है कि शहीद दुर्वासालाल जी आज भी हम सभी के दिलों में जीवित हैं। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों और सामाजिक पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। समारोह के अंत में आयोजक सरपंच एवं पंचगण तथा समस्त ग्रामवासियों ने उपस्थित सभी अतिथियों, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। संपूर्ण वातावरण "अमर शहीद दुर्वासालाल निषाद अमर रहें" और "भारत माता की जय" के गगनभेदी नारों से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर घनश्याम निषाद अध्यक्ष निषाद समाज जिला दुर्ग,हरप्रीत सिंह अध्यक्ष, छ.ग. आर्मी फाउंडेशन दुर्ग,विजय सिंह प्रदेश सचिव, छ.ग. आर्मी फाउंडेशन दुर्ग,बद्री प्रसाद पारकर जी, पूर्व जिला अध्यक्ष निषाद समाज दुर्ग,
डॉ. सोनाली गुप्ता प्राचार्य शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा,नंदकिशोर साहू अध्यक्ष अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद बालोद,श्रीमती आर. आर. वाणी प्राचार्य शासकीय उ.मा.शाला देवरी ख, पवन निषाद अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संघ,एन. के. राठी अध्यक्ष, सं.पु.सै. कल्याण संघ, भिलाई-दुर्ग आदि मौजूद रहे।

रिपोर्टर : रमेश कुमार चेलक 

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