चक्रवात ‘अर्नब’ को देखते हुए किसानों के लिए कृषि सलाह जारी

बालोद - पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में किसानों को फसलों की सुरक्षा और मौसम के अनुरूप कृषि कार्य करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

खेतों में काम करते समय बरतें सावधानी

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषक नगर रायपुर द्वारा जारी कृषि सलाह के अनुसार, किसानों को तेज हवाओं, भारी बारिश और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अगले कुछ दिनों तक फसलों की कटाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना सावधानीपूर्वक बनाने की सलाह दी गई है।

कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें

जिन किसानों ने फसलों की कटाई शुरू कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रखें। फसलों को ढकने के लिए तिरपाल का उपयोग करते समय ध्यान रखें कि बारिश का पानी उसमें जमा न हो और फसल के नीचे नमी न बनी रहे। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था भी जल्द सुनिश्चित करें।

कीट एवं बीमारियों की निगरानी करें

किसानों को अपने खेतों की नियमित निगरानी करने तथा फसलों में कीट एवं बीमारियों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद आवश्यकतानुसार उचित कीटनाशकों और कवकनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

रबी फसलों की बुवाई मौसम साफ होने पर करें

जो किसान रबी मौसम में तिवरा या अलसी की फसल लेना चाहते हैं, वे कुछ दिनों तक बुवाई का कार्य टालें। रबी फसलों की बुवाई मौसम साफ होने पर नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू करने की सलाह दी गई है। खेतों में पर्याप्त सफाई एवं सुखाई की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित करें। धान, दलहन और तिलहन की फसलें पककर तैयार हो चुकी हैं, तो उनकी कटाई स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर करें।

फसल नुकसान होने पर तत्काल दें सूचना

यदि बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से फसल को नुकसान होता है, तो बीमित किसान तत्काल संबंधित बीमा कंपनी या कृषि विभाग को सूचित करें। नुकसान की तस्वीरें और संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें तथा बीमा दावा प्रस्तुत करते समय निर्धारित समय-सीमा का पालन करें। किसानों से अपील की गई है कि फसल नुकसान की स्थिति में फसल बीमा टोल-फ्री नंबर 14447 पर तथा कृषि संबंधी जानकारी और समसामयिक सलाह के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क करें। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।

रिपोर्टर - रमेश कुमार चेलक 

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