वन शहीद स्मारक लोकार्पण कार्यक्रम
बलरामपुर : कलेक्टर कटारा ने कहा कि यह जिला हाथी विचरण क्षेत्र में आता है, ऐसे में ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतते हुए वन कर्मियों का सहयोग करना चाहिए, जिससे जनहानि एवं आर्थिक क्षति से बचा जा सके। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया है। इन पौधों का संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि वनों का संरक्षण केवल शासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और सामूहिक प्रयासों से ही हम अपनी प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रख सकते हैं।
वनमंडलाधिकारी श्री आलोक बाजपेयी ने कहा कि वन संपदा पृथ्वी की अमूल्य धरोहर है और इसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वन कर्मियों की स्मृति में प्रतिवर्ष वन शहीद दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में आज वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वन मंडल में स्वर्गीय श्री रामजी राम जायसवाल (वनरक्षक) एवं स्वर्गीय श्री बीरेन्द्र कुमार सिन्हा (वनरक्षक) की वर्ष 2003 में नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वन माफियाओं, नक्सलियों एवं कर्तव्य निर्वहन के दौरान वन्य जीवों के हमलों में अब तक अनेक वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। प्रदेश में 35 तथा मध्यप्रदेश में 37 वन कर्मियों ने बलिदान दिया है। इन सभी की स्मृति में देशभर में प्रतिवर्ष 11 सितंबर को वन शहीद दिवस मनाया जाता है।
रिपोर्टर : मुकेश सिंह

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