रघुनाथनगर में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म, चार युवकों की भूमिका जांच के घेरे में
बलरामपुर/रघुनाथनगर : रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले में कुल चार युवकों की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। इनमें दो युवकों पर मुख्य रूप से वारदात में शामिल होने का आरोप है, जबकि अन्य दो की भूमिका को लेकर पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामले में सभी आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है, हालांकि, FIR की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं होने के कारण मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
जंगल में रहने वाले कथित बाबा को लेकर भी उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद जंगल क्षेत्र में रहने वाले कथित बाबा राहुल जायसवाल को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि राहुल जायसवाल लंबे समय से वहां रहकर लोगों की समस्याएं और दुख-दर्द दूर करने का दावा करते हुए लोगों को बुलाता है।
स्थानीय लोगों के बीच यह आरोप भी चर्चा में है कि धार्मिक आस्था और लोगों की परेशानियों का फायदा उठाकर वहां गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नाबालिग से संबंधित मामले में राहुल जायसवाल की प्रत्यक्ष भूमिका या किसी अपराध में संलिप्तता की पुष्टि भी अभी नहीं हुई है।
इसीलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस और प्रशासन इस पूरे स्थल की निष्पक्ष जांच करे। वहां कौन रहता है, किस उद्देश्य से लोगों को बुलाया जाता है, वहां आने-जाने वालों की सुरक्षा की क्या व्यवस्था है और क्या किसी प्रकार की अनियमित गतिविधियां संचालित हो रही हैं—इन सभी बिंदुओं की जांच होनी चाहिए।
पुलिस की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
मामले को लेकर पुलिस द्वारा पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने से भी लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस जांच प्रभावित न हो, इसलिए हर जानकारी सार्वजनिक न करना जांच का हिस्सा हो सकता है।
लेकिन नाबालिग से जुड़े इतने गंभीर मामले में पुलिस को कानून के दायरे में रहते हुए आवश्यक कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि लोगों में विश्वास बना रहे।
स्थानीय लोगों की मांग है कि जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित न रहे। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही जंगल में संचालित कथित धार्मिक गतिविधियों और वहां रहने वाले कथित बाबा राहुल जायसवाल की गतिविधियों की भी प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर जांच की जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अपराध सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नाबालिग बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एकांत और जंगल जैसे स्थानों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी और बेटी के साथ ऐसी घटना न हो।
रिपोर्टर : चंद्रकांत

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