बलरामपुर अस्पताल मंगलवार को मनाएगा 157वां स्थापना दिवस, मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं-

बलरामपुर अस्पताल मंगलवार को मनाएगा 157वां स्थापना दिवस, मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं-

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में होंगे शामिल-

लखनऊ स्थित प्रदेश के सबसे पुराने और बड़े सरकारी जिला अस्पताल बलरामपुर अस्पताल में मंगलवार को 157वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे और मरीजों की सुविधाओं से जुड़ी कई नई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। स्थापना दिवस समारोह की थीम “विरासत से विश्वास तक” रखी गई है, जो अस्पताल की ऐतिहासिक यात्रा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

11नंबर वार्ड में नई लिफ्ट से मिलेगी मरीजों को मदद-

उपमुख्यमंत्री अस्पताल परिसर में लगाए गए 650 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल का शुभारंभ करेंगे। इन सोलर पैनलों से प्रतिमाह लगभग छह लाख रुपये मूल्य की बिजली का उत्पादन होगा, जिससे अस्पताल को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही वार्ड-11 में नई लिफ्ट का उद्घाटन भी किया जाएगा, जिससे मरीजों को एक तल से दूसरे तल तक ले जाने में अब रैंप का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का भी किया जाएगा शुभारंभ-
इसके अलावा अस्पताल परिसर में हाल ही में तैयार किए गए लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का भी शुभारंभ किया जाएगा। इससे भविष्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी और गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता आर्या के अनुसार, बलरामपुर अस्पताल में वर्तमान में 776 बेड हैं और लखनऊ समेत आसपास के कई जिलों से मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं, जिस कारण अधिकांश बेड हमेशा भरे रहते हैं। 

डायलिसिस मशीनों की बढ़ा दी गई है संख्या-
सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि वर्ष 2025 में अस्पताल की ओपीडी में 10 लाख नए और 25 लाख पुराने मरीजों का इलाज किया गया, जबकि 56 हजार मरीजों को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।किडनी रोगियों के लिए भी बड़ी राहत की खबर है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवाशीष शुक्ला के अनुसार, डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है। इससे बिना इंतजार मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। बीते एक वर्ष में लगभग 20 हजार मरीजों की डायलिसिस की गई।


गौरतलब है कि बलरामपुर अस्पताल की स्थापना वर्ष 1869 में अंग्रेजों द्वारा 12 से 20 बेड की डिस्पेंसरी के रूप में की गई थी। वर्ष 1902 में राजा बलरामपुर ने इसे विकसित किया और 1947 में यह राज्य सरकार के अधीन आ गया। आज यह अस्पताल आधुनिक सुविधाओं के साथ लाखों मरीजों की सेवा कर रहा है।

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