शीत लहर के दौरान ठण्ड से होने वाली स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से बचाव एवं सावधानियों हेतु जारी की चेतावनी

बाँदा : शीत लहर के दौरान ठण्ड से होने वाली स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं जैसे,हाइपोथर्मिया,निमोनिया,सर्दी जुकाम,त्वचा फटना एवं हार्ट सम्बन्धी समस्याओं  से बचाव एवं सावधानियों हेतु जनपद बांदा में जिलाधिकारी जे0 रीभा महोदया जी ने जारी की चेतावनी
 शीत लहर से बचाव के तरीके

 1-कपड़े/पहनावा

 कई परतों वाले गरम कपड़े पहनें

 सिर, कान, हाँथ, एवं पैर अच्छी तरह ढकें।अधिकतर शरीर की गर्मी सिर एवं पैरों से निकलती है

 गर्म मोजे दस्ताने, टोपी, स्कार्फ जरूरी है

 गीले कपड़े शरीर से तुरंत बदले। गीले कपडों से शरीर का तापमान तुरन्त गिरता है

 2-घर में सुरक्षा 

 कमरों को बंद रखें।परन्तु थोडा वेंटिलेशन दें। ताकि दम घुटने की समस्या ना हो। 
 हीटर या अंगीठी चलाते समय कमरे में वेंटिलेशन हो ताकि कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा उत्पन्न ना हो।
 बुजुर्गों, बच्चों, एवं बीमार लोगों को गर्म रखें।

 3-भोजन एवं पेय 
गर्म भोजन करें जैसे दलिया, सूप, खिचड़ी, चाय, दूध। 
पर्याप्त पानी पियें। सर्दी में प्यास कम लगती है। लेकिन पानी नहीं पीने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है। 
तैलीय एवं भारी भोजन कम करें। पौष्टिक वा विटामिन समृद्ध भोजन ही लें। 
 4-बाहर जाते समय सावधानियां 

आवश्यकता होने पर ही बाहर निकलें।ठण्डी हवाओं से बचने के लिए स्कार्फ का प्रयोग करें। 
फिसलन भरी जगहों में सावधानी से चलें। 
शरीर को ज्यादा देर तक ठण्ड के सम्पर्क में ना रखें। बीच बीच में गर्म स्थान पर जाएं। 

 5-वाहन चलाते समय

सुबह व रात में कोहरा/धुंध पर गति धीमी रखें। 
हेडलाइट/ फाग लाइट का सही उपयोग करें। 
वाहन की बैटरी, टायर, और ब्रेक की जांच रखें।ठण्ड में गाडियां कभी कभी स्टार्ट होने में समय लेती है। 

 6-स्वास्थ्य सम्बन्धी बचाव

हाइपोथर्मिया के लक्षण पहचानें- कंपकंपी, कमजोरी, भ्रम, धीमी  सांसलेना। त्वचा फटने से रोकने के लिए मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। 
जरूरत पडने पर डॉक्टर से तुरन्त सम्पर्क करें। 
जिसको अस्थमा, दिल की बीमारियां या आर्थराइटिस है वे विशेष सावधानी रखें। 
 ग्रमीण जन एवं प्रिय कृषक भाइयों सुबह शाम अत्यंत ठण्ड में काम से बचें। फसलों में पाले के प्रभाव को कम करने हेतु सिंचाई और पाले से बचाव के तरीकों का प्रयोग करें। 

शीत लहर से बचाव हेतु कुमार धर्मेन्द्र अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व)  जी ने कहा कि सडक पर रहने वाले लोगों, बुजुर्गों,पालतू जानवरों की सुरक्षा का ध्यान रखें और पालतू जानवरों की सुरक्षा का ध्यान रखें। पड़ोसी, असहाय एवं असमर्थ लोगों की मदद करें।जिला आपदा विशेषज्ञ डॉ0 प्रभाकर सिंह ने जनपद वासियों को जिलाधिकारी महोदया एवं शीत से बचाव की चेतावनियों का पालन करने का आग्रह किया है।और शीत से बचने हेतु, जिला प्रशासन/नगर निकाय द्वारा बनाए गए रैन बसेरे में रात्रि बिताने हेतु सलाह दिया, तथा खुले में ना रहने की अपील की। 
 कहीं भी आकस्मिक शीत प्रभाव से घटना घटित हो तो मदद हेतु जिला आपदा कंट्रोल रूम में 05192-285260 या टोल फ्री नम्बर 1070,1077 या 112 
मोबाइल नंबर-9454441081, 9452662412 पर काल कर सूचना दें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जिलाधिकारी कार्यालय जनपद बाँदा द्वारा जनहित में जारी। आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

रिपोर्टर : क़ासिद अली सिद्दीकी

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