घने कोहरे और ठंड से सरसों व अरहर की फसल को नुकसान किसान परेशान
तिंदवारी बांदा : पिछले कुछ दिनों से कस्बे और आस पास के ग्रामीण इलाकों में लगातार छाए कोहरे और बदली ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।रबी की फसल मुख्य रूप से गेहूं,चना,मसूर,सरसों,मटर की बुवाई लगभग पूरी हो गई है जिसमें मुख्य रूप से दलहन तिलहन फसल की बुवाई नवंबर माह में ही हो जाती है जिससे सरसों की फसल में फूल आ गए हैऔर कालिया बनने लगी है।अगर मौसम इसी तरह का रहा तो सरसों की फसल में फूल झड़ने लगते है कलिया कम बनती हैव दानों का आकार छोटा रह जाता है व लगातार नमी व ठंड के कारण लासी व माहू जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है।कृषि रक्षा इकाई तिंदवारी में ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक के पद पर तैनात अरुण कुमार सिंह का कहना है कि सरसों की फसल में अभी कोई नुकसान नहीं है जिन किसानों ने अगेती सरसों की फसल की बुवाई की है उसमें जरूर फूल झड़ने की समस्या आ सकती है लेकिन जब मौसम खुलेगा और तेज धूप निकलेगी तब सरसों में लासी व माहू जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ेगा। इस समय अगर किसी फसल को नुकसान है तो वो अरहर की फसल है जिसमें पत्ती लपेटक व तना छेदक सूंड़ी का प्रकोप बढ़ने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है इसके लिए किसानों को अरहर में कीटनाशक दावा का स्प्रे करना चाहिए।
रिपोर्टर : क़ासिद अली सिद्दीकी


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