रामेश्वरम स्थापना से रामसेतु निर्माण और लक्ष्मण शक्ति तक का भावपूर्ण मंचन
बांदा : कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को किया भावविभोर, संजीवनी बूटी लाने के प्रसंग पर लगे जय श्रीराम के जयकारे कस्बा कमासिन में कामेश्वर नाथ रामलीला समिति की ओर से आयोजित 15 दिवसीय श्रीरामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। रामलीला में रामेश्वरम स्थापना से लेकर रामसेतु निर्माण और लक्ष्मण शक्ति तक के प्रसंगों को कलाकारों ने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
मंचन में भगवान श्रीराम द्वारा रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना और पूजा-अर्चना का प्रसंग दिखाया गया। इसके बाद वानर सेना द्वारा समुद्र पर रामसेतु निर्माण और भगवान श्रीराम की सेना के लंका पहुंचने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। लंका युद्ध के दौरान मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने का मार्मिक मंचन हुआ। लक्ष्मण को मूर्छित देखकर भगवान श्रीराम व्याकुल हो उठे। इसके बाद हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मंचन में राम की भूमिका देवा तिवारी, लक्ष्मण की शिवा तिवारी, रावण की संतोष त्रिपाठी, मेघनाद की सुशील यादव, अंगद की पवन बाबा और हनुमान की भूमिका संतोष मिश्रा ने निभाई। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों पर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
रामलीला के सफल आयोजन में समिति के प्रबंधक गणेश दत्त त्रिपाठी, मनोज कुमार द्विवेदी, अनिल कुमार गुप्ता, अध्यक्ष रमाशंकर सोनी, विनय श्रीवास्तव, संयोजक राजीव तिवारी, व्यास जितेंद्र द्विवेदी सहित समिति के अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
रिपोर्टर : अरुण मिश्रा

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