बांग्लादेश 2026: लोकतंत्र की नई दिशा और वोटिंग का हाल
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को संसदीय चुनाव चल रहा है, जिसमें लगभग 12.7 करोड़ मतदाता भाग ले रहे हैं। यह चुनाव खास इसलिए है क्योंकि यह 2024 के छात्र‑आंदोलन और शेख हसीना के हटने के बाद पहला बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
इस चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग चुनाव में भाग नहीं ले रही। मुख्य दो प्रत्याशी दल हैं: BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) और जमात‑ए‑इस्लामी‑निहित गठबंधन।
मुख्य मुद्दे
मतदाता इस चुनाव में भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोज़गारी, युवाओं और महिलाओं के अधिकारों पर ध्यान दे रहे हैं।
सुरक्षा और चुनाव माहौल
देशभर में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी रखी गई है, जिसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी हो रहा है। कई मतदान केंद्रों को जोखिम‑प्रवण भी बताया गया है।
जनमत और स्वतंत्रता
इस चुनाव के साथ राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी हो रहा है, जिसमें संवैधानिक सुधारों पर वोट डाला जा रहा है।
युवा और लोकतंत्र
युवा पीढ़ी चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा रही है, खासकर वे युवा जो 2024 के आंदोलन में शामिल थे। पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाता चुनाव के परिणाम को प्रभावित कर रहे हैं।
चुनौती और वैधता
कुछ हिस्सों में कहा जा रहा है कि चुनाव पूरी तरह समावेशी और निष्पक्ष नहीं है क्योंकि प्रमुख दल इसमें नहीं हैं। इससे चुनाव की वैधता और लोकतांत्रिक स्वीकार्यता पर सवाल उठ रहे हैं।
बांग्लादेश का यह चुनाव देश के लोकतांत्रिक इतिहास में निर्णायक मोड़ है। मतदाता भ्रष्टाचार, अर्थव्यवस्था, रोज़गार और नेतृत्व के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रहे हैं। भारी सुरक्षा, युवा मतदाता सहभागिता और संवैधानिक सुधारों पर जनमत संग्रह ने इस चुनाव को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।


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