सुल्तानगंज देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित चांदन तिवारी चौक, बियाही, सड़कों की दुर्दशा पर चर्चा एवं दुर्घटनाएं पर राहगीर चिंतित

बांका :  जिले के मुख्य मार्ग देवघर टु सुल्तानगंज पक्की सड़क स्थित चांदन तिवारी चौक के आगे मृत्युंजय शर्मा के मकान के सामने की दुर्दशा को देखते ही हर कोई राहगीर रुक कर चर्चा करना मजबूरी बन गई। राहगिरों ने जिले के  अधिकारियों व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहना चाहते हैं, कि इस मार्ग से कई दफा बिहार के स्वास्थ्य मंत्री, ग्रामीण सड़क राज्य मंत्री, कई मंत्रियों का आवागमन हुआ है। और श्रावणी मेला शुरू होते ही कई अधिकारियों का भी आवागमन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुआ है। लेकिन पता नहीं लग्जरी गाड़ी होने के कारण उन्हें हचकोला महसूस नहीं हुआ, या फिर उनकी नजर नहीं पड़ी, लेकिन प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी का महीना में 20 दिन आवागमन इसी मार्ग से होता है। उनको भी न्यूज़ मिलता होगा, कि चांदन देवघर मुख्य मार्ग के मृत्युंजय शर्मा के मकान के सामने  गड्ढे रहने के कारण आज इस मार्ग में एक्सीडेंट हो गया, कई लोग घायल हो गए। कई पदाधिकारी अधिकारी अस्पताल पहुंचकर भी घायलों का इलाज भी करवाया है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण रोड की मरम्मत नहीं की जा रही है।
      बांका सांसद प्रतिनिधि श्री चंद्र मोहन पांडेय, चांदन के ग्रामीणों लक्ष्मण बरनवाल, संतोष बाजपेई, रिंकू शर्मा, सोनू कुमार, मृत्युंजय कृपा मूर्ति, रामदेव यादव आदि ने कहा कि हाल ही में सुल्तानगंज देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित चांदन मृत्युंजय कृपा मूर्ति के मकान के सामने पैक्स का धान, श्री श्याम डेलकॉम राइस मिल करुवा पत्थर दर्दमारा ले जाने के क्रम में ट्रैक्टर में धान बोरा लदा हुआ ट्रैक्टर पलट गई। जिससे ट्रैक्टर चालक कोई बड़ी दुर्घटना होने से बाल बाल बच गया।
        कई लोगों ने वर्तमान सांसद, विधायक को कौसते हुए कहा कि उनकी दृष्टि इन समस्याओं पर पड़ना चाहिए था। जिस तरह चुनाव के वक्त वोट मांगने के क्रम में वादा एवं अपनी भूमिका पर चर्चा करते हैं कि उनकी नजर की इन समस्याओं पर भी पड़ना चाहिए था। हालांकि गत सप्ताह जिला में बैठक के दौरान माननीय विधायक सड़क ठेकेदारों को रोड मरमती के नाम पर खूब डांट फटकार किए हैं। और आश्वासन भी लिए हैं की जल्द से जल्द मरम्मत कर दी जाएगी। लेकिन आश्वासन का समय बीतता जा रहा है। ग्रामीण कब तक चुप रहेगी। रोड की दुर्दशा पर घटनाएं होना कोई समय निश्चित नहीं है। कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसलिए ग्रामीण वर्तमान जनप्रतिनिधि माननीय को कौसते हैं।और कहते हैं कि आप इस मार्ग से हमेशा जाते-आते हैं। फिर ऐसी दुर्दशा क्यों ॽ बिहार में सामने विधानसभा चुनाव है।
            सांसद प्रतिनिधि श्री चंद्र मोहन पांडेय ने कहा कि रोड की दुर्दशा को देखकर मैं भी चिंतित हूं। मेरे सांसद बड़े प्रतिनिधित्व करते हैं मैं उनका छोटा प्रतिनिधित्व करता हूं। इस मार्ग में सभी पदाधिकारी अधिकारी इस राह से होकर ही गुजरते हैं। लेकिन अभी तक कोई प्रशासनिक कार्रवाई की पहल नहीं हुई है। मैं निश्चित अपने सांसद तक मुख्य सड़क की दुर्दशा पर चर्चा करेंगे।
     लक्ष्मण बरनवाल ने कहा मैं किसी काम के लिए अपने स्कूटी से कटोरिया जा रहे थे। मुख्य मार्ग पर पानी भरा हुआ था। लेकिन समझ में नहीं आया कि यहां गड्ढा है। अचानक स्कूटी गड्ढे में चली गई, और मैं गिरते गिरते बच गया। अगल-बगल के दुकानदारों, राहगीरों ने मुझे गाड़ी सामान उठाने के क्रम में सहयोग देकर बचा लिया। उन्होंने कहा उसे दिन भी सड़क की दुर्दशा को देखकर सभी लोगों ने चर्चा किया। कुछ पार्टी के लोगों ने कहा कल ठीक हो जाएगा। लेकिन चांदन देवघर सुल्तानगंज मुख्य मार्ग की दुर्दशा, आज भी जस का तस करता है। एक कहावत चरितार्थ है भैंस के सामने बीन बजाय, भैंस रहे पघुराय, लाख पदाधिकारी, अधिकारी, मंत्री, इस मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। लेकिन सुधार के नाम पर ढाक के तीन पात।


रिपोर्टर :  राकेश कुमार बच्चू

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.