वृद्धा पेंशन में भी बैंक अधिकारी के द्वारा लगा ग्रहण
बांका - जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय में बैंक अधिकारियों की मनमानी के कारण बेचारा वृद्धा पेंशन में ग्रहण लगने के कारण दाने-दाने का मोहताज एक इंसान की सच्ची कहानी प्रकाश में आया है। चांदन पंचायत के डुमरथर गांव निवासी 75 वर्षीय हरी कापरी को तीन संतान है। लेकिन छोटे बेटे ने भारतीय स्टेट बैंक से पिता के नाम राजस्व रसीद रहने के कारण 30,000 हजार रुपया लोन उठा लिया है। पिता हरि कापरी को पुत्र ने समझाया कि रसीद आपके नाम से है लेकिन लोन मैं ले रहा हूं, यह सारा कर्ज मैं चुकता करूंगा। आपका देखभाल, सेवा भी तो मुझे ही करना होगा। इसलिए आपकी सहमति चाहिए। पिता पुत्र के मोह में फंसकर अपनी सहमति दे दिया। लेकिन बैंक में पुत्र के द्वारा पैसा जमा नहीं करने के कारण, अब पिता के वृद्धा पेंशन का पैसा कर्ज में कट रहा है। जिससे पिता दाने-दाने के लिए मुमताज हो रहे हैं। हालांकि नियमावली के अनुसार वृद्ध पेंशन का पैसा बैंक अधिकारी को नहीं काटना चाहिए। इसके लिए अधिकारी के यहां राजस्व रसीद के आधार पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार के द्वारा दी गई बुढ़ापे का सहारा सहयोग राशि पर बैंक अधिकारियों के द्वारा ग्रहण लगना न्याय उचित नहीं है। पीड़ित हरि कापरी ने कहा मेरे वृद्धा पेंशन के खाते में 5000 हजार रुपया पहले जमा था, वह पैसा कर्ज में चला गया। पुनः होली आ रही है, मेरी इच्छा अनुसार खाने-पीने की व्यवस्था होती, सभी पुत्र बाल बच्चे दार हैं, अपनी बच्चों की इच्छा पूर्ति करने में व्यस्त रहते हैं। हम बुढ़ापाओं को वृद्धा पेंशन सहारा है। लेकिन अब उसमें भी ग्रहण लग गया है।
रिपोर्टर - राकेश कुमार बच्चू


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