चांदन एम एम के जी हाई स्कूल के मैट्रिक परीक्षा में स्कूल टॉपर हुआ अमित कुमार
बांका - बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने दसवीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार चांदन प्रखंड मुख्यालय में गांव, देहातों के किसानों बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है।इस क्रम में बांका जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय स्थित एम,एम, के,जी उच्च विद्यालय के छात्र अमित कुमार ने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान पर अपनी जगह बना ली है। उनके कुल अंक 500 में से 461 अंक हासिल किए हैं। और अपने विद्यालय के साथ-साथ पूरे परिवार का नाम रोशन किया। चांदन प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिरनिया, गांव भैलगरो निवासी मुकेश भारती के पुत्र अमित कुमार हैं । जिन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा बालमुकुंद मांझी, दादी निर्मला देवी, अपनी मां मीरा देवी आदि को देते हुए कहा मेरी दादा दादी किसान है। लेकिन शिक्षा का महत्व समझते हैं, इसलिए अपने खेतों में नित्य- दिन मेहनत कर, सब्जी ले जाकर बाजार में बेचकर हमारी पढ़ाई के लिए तत्पर रहते थे। छोटी मोटी आवश्यकता को मेरी दादी ही पूर्ति करती थी। इसलिए दादी की सपना को साकार करने के लिए मैंने रात दिन मेहनत कर इस मुकाम तक आया हूं। मैं दादा दादी का सपना को साकार करूंगा। अमित कुमार ने कहा बदलते दौर में जहां अधिकांश युवा वर्ग सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया में व्यस्त रहता है वहीं बांका जिले के चांदन प्रखंड क्षेत्र के एक देहात ग्राम भैलगरो निवासी अमित कुमार ने इससे दूरी बनाकर अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर प्रखंड स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की इसमें मेरे बूढ़े बुजुर्ग दादा दादी का भरपूर आशीर्वाद रहा है। उन्होंने कहा मेरे गांव से 4 किलोमीटर दूरी पर प्रखंड मुख्यालय स्थित एम एम के जी उच्च विद्यालय चांदन में पहला स्थान हासिल किया हूं। और मुझे दादा दादी की सपना को साकार करने के लिए आईएस की तैयारी करना होगा। इसमें परिवार के सभी सदस्यों ने सभी प्रकार के सहयोग करने के लिए तैयार हैं। दादा वीरेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा अमित घर में अनुशासित और आज्ञाकारी छात्र है उसकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत है वही अमित ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन और अनुशासित दिनचर्या को देते हुए कहा कि पढ़ाई के प्रति दादी की खरी खोटी सुनते हुए 10 घंटे पढ़ाई करता था दादी निर्मला देवी ने बतायी कि सोशल मीडिया और इंटरनेट की दूरी बनाकर अमित कुमार अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करता था मेरा सपना है अमित आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करे। आज की युवाओं के लिए यह एक सशक्त संदेश है की सफलता पाने के लिए एकाग्रता अनुशासन और समर्पण सबसे जरूरी है। अमित की सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो संसाधनों की कमी भी राह में बाधा नहीं बन सकती है।
रिपोर्टर - राकेश कुमार बच्चू
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