जर्जर अवस्था में चल रहा है चकाई प्रखंड क्षेत्र के जगतरायडीह प्राथमिक विद्यालय
बांका : सरकारी अनदेखी एवं शिक्षा विभाग की लचर स्थिति के कारण चकाई प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कल्याणपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर- 11 जगतरायडीह प्राथमिक विद्यालय कुव्यवस्था का शिकार हो गया है। जरूरत के मुताबिक शिक्षक उपलब्ध नहीं रहने के कारण जहां एक ओर पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं इस चिलचिलाती धूप में भी पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण विद्यार्थियों को बहुत तकलीफ उठानी पड़ रही है। स्कूल की कमरें भी जर्जर की अवस्था में है। एक ही कमरे में एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई होती है। छत की इतनी दुर्दशा खराब है, कभी भी किसी भी वक्त में अप्रिय घटना घट सकती है। इस विद्यालय में अनुसूचित जाति के कुल 82 बच्चों की उपस्थिति रहती है। लेकिन विडंबना यह है कि विभाग की उदासीनता के कारण जगतरायडीह प्राथमिक विद्यालय बच्चों की सुरक्षा को नजर अंदाज किया जा रहा है। टुटी छत खराब चापाकल, और दूषित पानी के बीच मिड डे मील बन रहा है जिससे बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीण और स्कूल के बच्चों के अभिभावक प्रशासन से तत्काल जगतरायडीह प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण कार्रवाही की मांग कर रहे हैं।
जगतरायडीह गांव निवासी अनिल कोड़ा, बिनोद कोड़ा ने बताया कि विद्यालय परिसर के पांच कमरों का विद्यालय अनुसूचित जाति के लिए पूर्व जिला पदाधिकारी के पलह पर ठेकेदार के द्वारा पहाड़ी के नीचे की पथरीली जमीन किया गया था। जो अब तक अधूरा है।
उन लोगों ने कहा कि हाल ही में लगभग 1 साल पूर्व विद्यालय में चार दिवारी के लिए लगभग 10 लाख का योजना आया था। इस क्रम में चारदीवारी का काम शुरू हुआ। लेकिन ईट इतना खराब था कि ईट पर पानी पड़ते ही ईटा गल जा रहा था। फिर ग्रामीणों के विरोध के कारण काम बंद हो गया है। शौचालय की दुर्दशा को देखने पर यह निश्चित हो जाता है कि कोई लोग यहां सोच करने के लिए जाना मुश्किल है, उन्होंने कहा कागजों पर ही सारी कार्य पूरी की जा रही है। जबकि चकाई प्रखंड से मात्र 25 किलोमीटर दूरी पर जगतरायडीह गांव में विद्यालय स्थित है।
विद्यालय में मौजूद सहायक शिक्षक संजीत पासवान ने कहा विद्यालय के विरुद्ध मैं कुछ नहीं बता सकता हूं। जो सामने है आप देख रहे हैं। प्रधानाध्यापिका फूलेशवरी देवी ने मोबाइल से बात करते हुए कही कि इस संबंध में मैंने विभाग को जानकारी दी हूं। लेकिन लिखित नहीं, आज मैं मिड डे मील की सूची जमा करने चकाई आई हुई हूं। लेकिन ग्रामीणों के कथननुसार विद्यालय में विभाग की ओर से कभी भी पदाधिकारीयों निरीक्षण करने कोई नहीं आते हैं। बच्चों का भविष्य विभाग की लापरवाही से अंधकार में है।
रिपोर्टर - राकेश कुमार बच्चू


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