चांदन एच एम करुणा ने बताती कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी, सोलर प्लांट खराब, एवं पेयजल आपूर्ति सबसे बड़ी समस्या

बांका :  जिले के चांदन मुख्यालय स्थित एम एम के जी उच्च विद्यालय चांदन में बच्चों की उपस्थिति एवं नामांकन के अनुसार विषयवार शिक्षकों की वर्षों से अभाव है।
     एक कहावत है, बिना गुरु के ज्ञान नहीं मिलता है। यह पंक्तियां चांदन प्रखंड मुख्यालय स्थित एम एम के जी उच्च विद्यालय के छात्रों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। अंतिम पड़ाव के शिक्षा के मंदिर में उच्च शिक्षा पाने के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षक नहीं है। गरीब मजदूर किसानों के छात्रों को परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में अभिभावकों को महंगे दर पर अपने बच्चों को ट्यूशन पढ़ना पड़ता है। ऐसी स्थिति में 75 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति का चाबुक चलाना प्रधानाध्यापिका  के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है।
       श्रीमती करुणा किस्कू प्रधानाध्यापिका एम एम के जी उच्च विद्यालय चांदन ने बतायी कि मेरे विद्यालय में छात्रों की संख्या अब तक 750 है।  और नामांकन 31 अप्रैल तक अभी जारी है। लेकिन विद्यालय में सब्जेक्ट के मुताबिक शिक्षकों का अभाव और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।  प्रधानाध्यापिका ने कहा कि विद्यालय समस्याओं को लेकर शिक्षा विभाग पर जिला प्रशासन को कई बार पत्र लिखी हुं, पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्हें अच्छी शिक्षा देना हमारी जिम्मेदारी है। लेकिन विद्यालय में मौजूद समस्याएं सबसे बड़ी गंभीर है। मैं सरकार से मांग करती हूं कि विद्यालय के समस्या का तत्काल समाधान सुरक्षित करना चाहिए ताकि बच्चे सुरक्षित वातावरण पढ़ सकें।
      उन्होंने बतायी कि मेरे विद्यालय में पीएमसी चल रहा है। लेकिन एमडीएम मध्यान भोजन के लिए किचन शैड नहीं है। जबकि किचन शैड बनाने के लिए विद्यालय में पर्याप्त जमीन है। एक चापाकल अगर है भी, पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहा है। जिससे विद्यालय के छात्रों को पानी की किल्लत से जूझना  पड़ रहा है। कभी-कभी ऐसी मुसीबत आ जाती है कि चापाकल एकदम पानी देना बंद कर देता है। और इस चील चिल्लाती धूप में ऐसी मुसीबत आ जाएगी। फिर मध्यान भोजन कैसे बनेगा।
       सहायक शिक्षक पप्पू कुमार गुप्ता ने कहा कि जल जीवन हरियाली के तहत मेरे विद्यालय के छत पर सोलर प्लेट लगाया गया है। लेकिन बरसों से वह खराब है। इसकी शिकायत बार-बार विभाग को दी गई है। लेकिन ढाक के तीन, अब वह सोलर प्लांट सिर्फ शोभा की वस्तु बनी हुई है। अगर वह ठीक हो जाती तो विद्यालय को बिजली बिल की राहत मिलती, सारी शुख सुविधा रहने के बाद भी स्कूल को बिजली बिल भरना पड़ता है।
       उन्होंने चांदन हाई स्कूल में पेयजल की समस्या सबसे गंभीर समस्या बताये हैं। उन्होंने कहा कि टिफिन यह छुट्टी वक्त छात्रों को प्यास लग जाती है। एक चापाकल पर इतनी भीड़ हो जाती है, आपस में ही पहले हम ,पहले हम में उलझ जाते हैं। दूसरा चापाकल मेरा खराब है। और इसी  चापाकल से एमडीएम बनाकर बच्चों को खाना बनाना, खिलाना है। किचन शैड है नहीं। इसकी मांग विभाग से किया  गया है। लेकिन अब तक पुरा नहीं हुआ है।

रिपोर्टर : राकेश कुमार बच्चू

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