चांदन जनता दरबार में 10 में से 6 दीवानी संबंधित मामलों का ऑन द स्पॉट हुआ निष्पादन
बांका : चांदन प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय के सभागार में 6 जून शनिवार को लगने वाली जनता दरबार में बेतहासा भीड़ होगी। भीड़ को देखकर भूमि विवाद से संबंधित पीड़ित ग्रामीणों में चर्चा होने लगी कि आखिर इस जनता दरबार के मेले में हमसबों का इंसाफ कैसे होगा। जितनी भीड़ है, अंचलाधिकारी कैसे मेरा पेपर देखेंगे।
मनोज राय, शंकर मांझी, बलराम दास, गनौरी पनियारा, बिरेंची यादव, सुभाष राय गोविंद दास, आदि दर्जनों लोगों ने कहा कि जनता दरबार खुले प्रांगण में होना चाहिए। जहां एक अधिकारी वाद की सुनवाई करते हुए पीड़ित परिवार का आवेदन एवं कागजात का अवलोकन करते हुए पढ़वाते हुए सुनते, या आपत्तिकर्ता आवेदक को पढ़ते ही प्रतिवादी के कागज की मांग करते हुए क्षेत्र के राजस्व कर्मचारी से जवाब सवाल करते हुए ऑन द स्पॉट निष्पादन करते। क्योंकि जनता दरबार में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रखंड के विभिन्न थानों के पुलिस प्रशासन मौजूद रहते हैं। जहां दरबार में वादी/ प्रतिवादी के पक्ष में कागजात के अवलोकन के बाद न्याय प्रक्रिया में सुनाई जाती है। जिसकी अमल करवाना पुलिस प्रशासन की भूमिका होती है। लेकिन बंद कमरे में वादी/ प्रतिवादी की मौखिक एवं लिखित बयान के आधार पर कागजात के मुताबिक इंसाफ ऑन द स्पॉट दे दी जाती है। इसकी शिकायत पर क्या हुआ, क्या नहीं, जनता दरबार में मौजूद लोगों को पता नहीं चल पाता है। इसके चलते जनताओं में जनता दरबार के प्रति असंतोष स्थिति उत्पन्न हो जाती है। फिर भी लोग, मरता क्या नहीं करता, मजबूरन अपनी सहयोगी पड़ोसी को लेकर जनता दरबार में आ जाता है।
जनता दरबार में मौजूद कुछ ग्रामीणों ने कहा अपने क्षेत्र के विधायक माननीय मनोज यादव को कहेंगे, जनता दरबार खुले मैदान में लगाने की व्यवस्था की जाए जहां अंचल से सभी कर्मचारी अधिकारी एवं क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन मौजूद रहें, जनताओं को खुले मंच में इंसाफ मिले।
ऑन द स्पॉट निष्पादन किया हूं। चार मामले में वादी प्रतिवादी को समन जारी करते हुए कागजात के साथ अगले शनिवार को बुलाया हूं। उस दिन के जनता दरबार में निष्पादन कर दिया जाएगा। आज अचानक जनता दरबार में सैकड़ो भीड़ को देखते हुए सीओ से निष्पादन संबंधित पूछने पर कि आपके पास समय मात्र 3 घंटा है। और लगभग 100, 150, की संख्या में लोग आए हैं। ऐसी स्थिति में आप के पास 10 मामले आए बाकी मामले कहां चले गए और आप कैसे निष्पादन कैसे किये।
सी ओ रविकांत कुमार ने कहा कि एक आदमी के मामले में लगभग 10 की संख्या में लोग सुनने आ गए थे। इसलिए भीड़ दिखाई पड़ रही थी। लेकिन भूमि संबंधित विवाद में कागजात के आधार पर इंसाफ की जाती है। मौखिक बयान पर नहीं। इसलिए राजस्व से संबंधित सभी पदाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन मौजूद रहते हैं। इसलिए जनता दरबार के माध्यम से भूमि विवाद के मामलों का त्वरित और पारदर्शी समाधान किया जा रहा है। ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके। इस मौके पर एआरो, चांदन राजस्व कर्मचारी रूपेश कुमार, मनीष कुमार, विभिन्न क्षेत्र के कर्मचारीगण एवं चांदन के थाना अध्यक्ष श्रीकांत भारती, आनंदपुर थाना से विनोद कुमार आदि लोग उपस्थित थे।
रिपोर्टर : राकेश कुमार बच्चू
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