कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्रा ने गरीबी के कारण पंखे में फांसी लगाकर की आत्महत्या
बांका : बांका जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय से महज 500 गज की दूरी स्थित प्लस- टू कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की एक छात्रा ने आज सुबह समय लगभग 7- 8 के बीच में 10वीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा ने एक कमरे के पंखे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही विद्यालय परिसर में बालिकाओं के बीच कौताहल हो गई। छात्रों के बीच चीख- पुकार होने लगी। विद्यालय के वार्डेन अन्ना लकड़ा, विद्यालय के अकाउंटेंट सुदीप कुमार गुप्ता ने तत्परता दिखाते हुए चांदन पुलिस को घटना की विधिवत जानकारी दी गई।
चांदन थाना अध्यक्ष श्रीकांत भारती ने सूचना पाते ही अपने साथ सहायक अवर निरीक्षक चंद्रधारी राय, गश्ती दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर घटनास्थल को सील करते हुए फॉरेंसिक टीम को सूचना दी गई। विद्यालय प्रशासन ने चांदन प्रखंड प्रमुख, मुखिया को भी घटना की विधि बता जानकारी दी गई। सबों ने भी सूचना पाते हैं घटनास्थल पर पहुंच गए।
कस्तूरबा विद्यालय के वार्डेन अन्ना लकड़ा ने बतायी कि मृत छात्रा का नाम मानको हेंब्रम, पिता राम हेंब्रम ग्राम पहाड़पुर सूईया जिला बांका की रहने वाली थी। वह अपने विद्यालय में खुशहाल रहती थी। लेकिन कभी-कभी माथा दर्द से बेचैन रहती है। इसी क्रम में 13/7/26 तो उसका इलाज भी मैं खुद चांदन अस्पताल ले जाकर इलाज करवाई थी। और वह ठीक भी हो गई थी। लेकिन माता-पिता हमेशा मिलने नहीं आते थे। कभी-कभी मायूस भी रहती थी। घटना होने के एक दिन पहले उसकी भाई से बात हुई थी। लेकिन बात क्या हुई इसकी मुझे कोई खबर नहीं है।
उसके बेडरूम के छात्राओं ने बतायी कि स्कूल में प्रार्थना की बात हो रही थी, वह जाने से इंकार की, हम सभी लोग नीचे आ गए। लेकिन बहुत देर हो जाने के बाद 9वीं की छात्रा ने मृतक मानको हेंब्रम को ढूंढते हुए उसके बेडरूम तक गई। लेकिन वहां नहीं थी, इर्द-गिर्द देखने के बाद बगल के एक कमरे के पंखे में अपना दुपट्टा गले में लगाकर झूलता हुआ नजर आई। उसे देखते ही मैं चिल्लाने लगी। वार्डेन अन्ना लकड़ा दौड़कर आई। फिर विधिवत पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।
छात्राओं ने बतायी कि उसे हमेशा पैसे की आवश्यकता रहती थी। परिजन गंभीरता से नहीं लेते थे। कभी-कभी हम सबों ने भी मदद किया है।
विद्यालय परिसर में प्रत्यक्षदर्शियों , मृतक के परिजनों, एवं छात्राओं के बीच बातचीत के दौरान आज की दौर के आमो-हवा के मुताबिक कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बालिकाओं को लाख सुविधा मिलता हो, लेकिन बच्चों के परिजन को उनकी भावनाओं एवं मांगों को पूरी करना अति आवश्यक है। उसकी भविष्य की चिंता अगर आप करते हैं। आज के दौर में उसकी संगत के मुताबिक आपको चलना होगा तभी उसका भविष्य उज्जवल होगा। उसकी भावनाओं के साथ माता-पिता भाई बंधु हमेशा खड़ा रहना होगा। जैसे विद्यालय के सामने खाने पीने की दुकान लगी हुई रहती है। विद्यालय की कई छात्राएं छुट्टी आवर में दुकान में जाकर अपनी इच्छा मुताबिक खाते पीते हैं। कोई छात्रों को किताबें लेते हैं, कई बालिकाओं को, तेल साबुन की आवश्यकता होती है। लेकिन जिस छात्राओं के पास पैसे की अभाव में इच्छा रहते हुए भी इच्छा को दबा देते हैं। ऐसी स्थिति में अपनी गरीबी पर आत्मग्लानि, मजबूरी, एवं ऐसे समय में और अगर अपने परिजन मुंह मोड़ ले। हो सकता है ऐसी स्थिति मानको हेंब्रम ने अजीज होकर सोमवार को एक कमरे में अपने दुपट्टा को गले में बांधकर पंखे में लटक कर मौत को गले लगा ली।
विभागीय सूचना के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित, जिला कोऑर्डिनेटर सुनीता कुमारी, डीपीओ मोहम्मद फारूक रहमान, चांदन बीपीआरओ सह प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अविनाश कुमार, फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच की ओर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए। एवं शव को नीचे उतारते हुए चांदन पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल मृतक के परिजनों के साथ भेज दिया।
चांदन पुलिस प्रशासन कहना है कि फिलहाल छात्र की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। हर एंगल से देखी जा रही है। गंभीरता से जांच हो रही है। फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाही की जाएगी।
इस घटना से विद्यालय परिसर में विद्यालय प्रशासन के साथ-साथ बालिकाओं में भी शोक का लहर दौड़ पड़ा है। छात्र के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रिपोर्टर : राकेश कुमार बच्चू
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