बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर सुख समृद्धि की प्रार्थना

बांका - भाई बहन की अंगूठी प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा  उत्साह के साथ बनाया गया । सुबह से ही गांव से लेकर बाजारों तक रक्षाबंधन को लेकर चहल-पहल देखने को मिली। बहनों ने रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर अपनी सुरक्षा का उनसे वचन लिया। भाइयों ने भी अपनी क्षमता के अनुसार उपहार भेंट कर बहन की रक्षा का संकल्प दोहराया। इसे लेकर सुबह से ही प्रत्येक श्रद्धालु परिवार में उत्साह भी वातावरण नजर आ रहा था। बहनों ने सुबह सवेरे पवित्र जल से स्नान कर आकर्षक परिधान  धारण किया। उसके बाद पूजा की थाल सजाने में जुट गई। पूजा की थाल में अक्षत चंदन सिंदूर फूल फूल आदि के साथ मिठाई रखी। भाइयों ने भी इधर स्थान आदि से निवृत होकर पहुंचे तो उन्हें पवित्र किए गए स्थल पर स्नेह के साथ बैठाया गया। सर्वप्रथम बहनों ने अपने भाई के माथे पर तिलक लगाया इसके बाद कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। रक्षसत बढ़ने के दौरान मंत्र जाप करती रही। राखी बांधने के पश्चात भाई ने पसंद की मिठाई उन्हें खिलाई। भाई ने भी उपहार भेंट किया।
रक्षाबंधन के दिन मुख्य मार्ग पर भी विशेष बहनों की आवागमन हो रही थी, कई बहाने ससुराल से चलकर अपने भाई के यहां राखी बांधने चली आई है। तो कई  बहू अपने पति के साथ अपने मायके राखी बांधने के लिए जाते हुए देखी गई। ट्रेन में भी काफी भीड़ देखने को मिल रही थी एक तरफ भाई तो दूसरी तरफ बहन एक दूसरे के आगमन की प्रतीक्षा पर बैठे रहे। उनके पहुंचे ही चेहरे खिल उठे। बहनों ने बड़े स्नेह के साथ राखी बांधी।

रिपोर्टर - राकेश कुमार बच्चू 

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