बार एसोसिएशन अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों वकील पहुंचे कोतवाली

बाराबंकी : जनपद बाराबंकी में टोल प्लाजा विवाद का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शहर की कानून-व्यवस्था को चुनौती देता एक और गंभीर प्रकरण सामने आ गया। पल्हरी चौराहा पर ई-रिक्शा व ऑटो चालकों द्वारा एक जूनियर अधिवक्ता पर किए गए जानलेवा हमले से अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।।प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को जूनियर अधिवक्ता मोहम्मद आसिफ अपने घर से कचहरी जा रहे थे। पल्हरी चौराहा पर उन्होंने एक ऑटो चालक से साइड देने को कहा, जिस पर ऑटो चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और उनका कॉलर पकड़ लिया। आरोप है कि कुछ ही देर में 10 से 12 ऑटो चालक मौके पर एकत्र हो गए और सभी ने मिलकर मोहम्मद आसिफ के साथ लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की। हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनके गले से सोने की चेन और हाथ से अंगूठी भी छीन ली। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो ऑटो चालकों को हिरासत में ले लिया। घायल अधिवक्ता ने थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी। घटना की जानकारी मिलते ही बाराबंकी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ता कोतवाली नगर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने क्षेत्राधिकारी संगम सिंह से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। क्षेत्राधिकारी ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि पुलिस द्वारा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा शेष आरोपियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे पीड़ित जूनियर अधिवक्ता को न्याय मिल सके। कोतवाली परिसर में देर तक अधिवक्ताओं का जमावड़ा लगा रहा।अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा, वरिष्ठ  अधिवक्ता मोहम्मद अब्बास जैदी, राहुल मिश्रा, कमलेश चंद शर्मा, सुजीत कुमार पासवान, रामराज यादव, हर्षित सिंह, रोहित कुमार, आदर्श श्रीवास्तव अनिल यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद मौजूद रहे।गौरतलब है कि बाराबंकी में ई-रिक्शा व ऑटो चालकों की मनमानी से आम जनता पहले से ही ट्रैफिक अव्यवस्था से परेशान है। वहीं अब खुलेआम गुंडागर्दी की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। सवाल यह है कि आखिर इन ऑटो चालकों का संरक्षण कौन कर रहा है और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। क्या बाराबंकी में ट्रैफिक अराजकता और गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है?

रिपोर्टर - नफीस अहमद

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