विराट रूद्र महायज्ञ में प्रजापति दक्ष का प्रसंग सुनाया गया
बाराबंकी : कस्बा मसौली स्थित बाबा राम शरण दास भगवत दास कुटी हनुमान मंदिर पर चल रहे विराट रुद्र महायज्ञ कार्यक्रम के दौरान यज्ञ सम्राट स्वामी प्रमोदानंद जी महाराज ने सत्संग में प्रजापति दक्ष से जुड़ा मार्मिक प्रसंग सुनाया। स्वामी प्रमोदानंद जी महाराज ने बताया कि प्रजापति दक्ष ने अपने यज्ञ में भगवान शंकर को निमंत्रण नहीं दिया था। जब माता सती ने यज्ञ में जाने की इच्छा प्रकट की तो भगवान शंकर ने उन्हें यह कहकर मना किया कि आपके पिता मुझसे क्रोधित हैं। इस पर माता सती ने उनके क्रोध का कारण पूछा। भगवान शंकर ने बताया कि एक समय प्रजापति दक्ष देवताओं की सभा के सभापति थे। उनके सभा में आगमन पर सभी देवताओं ने खड़े होकर उनका सम्मान किया, लेकिन भगवान शंकर अपने स्थान पर ही बैठे रहे। इससे आहत होकर प्रजापति दक्ष ने भगवान शंकर को सभा से निकल जाने को कहा और यह प्रस्ताव पारित कर दिया कि किसी भी पूजा-पाठ अथवा यज्ञ में भगवान शंकर को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। स्वामी जी ने कहा कि भगवान शंकर के बिना कोई भी पूजा या यज्ञ पूर्ण नहीं हो सकता, परिणामस्वरूप सभी धार्मिक अनुष्ठान ठप हो गए। इसके बावजूद अहंकारवश प्रजापति दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया, जिसमें भगवान शंकर को आमंत्रित नहीं किया गया। इस प्रसंग को सुनते ही उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ शंकर के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी रामलाल दास सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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