आउटसोर्सिंग सिक्योरिटी गार्डों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, नौकरी पर पुनः बहाली व बकाया मानदेय की मांग

बाराबंकी : स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सिक्योरिटी गार्डों ने मंगलवार को बड़ी संख्या में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।कर्मचारियों ने टेंडर समाप्त होने के बाद सेवा समाप्त किए जाने पर रोष जताते हुए पुनः नौकरी पर रखे जाने और बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि सभी कर्मचारी सेवा प्रदाता कंपनी आईटी वर्ल्ड, सुल्तानपुर के माध्यम से जनपद के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 31 जनवरी 2026 तक नियमित रूप से कार्यरत थे। कंपनी का टेंडर समाप्त होने के बाद न तो नवीनीकरण हुआ और न ही नई सेवा प्रदाता कंपनी के संबंध में कर्मचारियों को कोई आधिकारिक जानकारी दी गई, जिससे सभी कर्मचारी असमंजस की स्थिति में हैं। कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने-अपने तैनाती स्थलों पर पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे थे। बावजूद इसके उन्हें अचानक हटा दिया गया। इसके साथ ही पिछले लगभग दो माह से मानदेय का भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) अवधेश कुमार यादव ने बताया कि सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति का प्राथमिक प्रावधान पूर्व सैनिकों के लिए होता है, लेकिन जब निर्धारित प्रक्रिया के तहत पत्र भेजे जाते हैं और कोई उपलब्ध नहीं होता, तब निजी कंपनियों को ठेका दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग का अनुबंध सामान्यतः दो वर्षों के लिए होता है। इस बार नया टेंडर प्रक्रिया में है और प्रयास किया जाएगा कि पूर्व में कार्यरत सुरक्षा गार्डों को ही प्राथमिकता के आधार पर पुनः समायोजित किया जाए। साथ ही जिन कर्मचारियों का मानदेय लंबित है, उसके भुगतान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में कर्मचारियों ने शासनादेश संख्या 57/18-2-2024-97 (ल0उ0)/2016, दिनांक 26 नवम्बर 2024 का हवाला देते हुए बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम से आउटसोर्सिंग किए जाने की स्थिति में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की निरंतरता बाधित नहीं की जानी चाहिए। शासनादेश में स्पष्ट उल्लेख है कि वर्तमान आउटसोर्स कर्मियों को ही चयनित सेवा प्रदाता द्वारा रखा जाएगा और केवल नए कर्मियों की नियुक्ति सेवायोजन पोर्टल से की जाएगी।

कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि शासनादेश के अनुरूप उन्हें नवीन चयनित सेवा प्रदाता कंपनी में समायोजित किया जाए और लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराया जाए। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को अपना अभिभावक बताते हुए न्याय की उम्मीद जताई।

रिपोर्टर : नफीस अहमद

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