फर्जी रिकवरी के नाम पर दिनदहाड़े लूट, पीड़ित को धमकी से दहशत

बाराबंकी : बाराबंकी के आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र में फर्जी रिकवरी एजेंटों द्वारा की गई लूट और धमकी की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पहले पीड़ित की कार छीनी गई, फिर सफारी स्टॉर्म (UP42 AJ 9303) के जरिए ₹1 लाख की टप्पेबाजी की गई। लिखित शिकायती पत्र देने के बाद संबंधित व्यक्ति को मोबाइल नंबर +91 8604163041 से धमकियां दी जाने लगीं। पीड़ित कलीम पुत्र सलीम, निवासी पीरबटावन, ने बताया कि वह किसी कार्यक्रम के लिए आवास विकास स्थित कार्यालय से पानी लेकर जा रहा था, तभी दो अज्ञात युवकों ने कॉलोनी के पास हाथ देकर उसकी गाड़ी रुकवाई। इसके बाद उन्होंने यह कहकर गाड़ी की चाबी छीन ली कि वाहन पर लोन बकाया है और ऑफिस चलने को कहा।जब पीड़ित कथित ऑफिस पहुंचा और उसने अपनी गाड़ी की एनओसी दिखाकर स्पष्ट किया कि कोई लोन बकाया नहीं है। तब दबंगों ने गाड़ी की चाबी तो लौटा दी, लेकिन वाहन में रखे ₹1 लाख नकद गायब पाए गए। शिकायत के बाद पीड़ित को धमकी भरे फोन आने लगे, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बैंक या एनबीएफसी द्वारा नियुक्त रिकवरी एजेंट को बिना वैधानिक प्रक्रिया के सड़क पर वाहन रोकने या जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है। पटना हाईकोर्ट सहित विभिन्न न्यायालयों के फैसलों के अनुसार, केवल SARFAESI एक्ट जैसी कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही रिकवरी संभव है। इसके बावजूद खुलेआम सड़क पर गाड़ियां रोकना कानून का सीधा उल्लंघन है।

जनपद में रिकवरी एजेंट के नाम पर कुछ दबंगों द्वारा अवैध वसूली खुलेआम किए जाने की चर्चा आम है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोग अपनी प्रशासनिक पकड़ का हवाला देकर बिना किसी भय के इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि संबंधित ऑफिस पर पुलिस कर्मियों का आना-जाना रहता है, जिससे प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका और गहराती है। पीड़ित और क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए तथा इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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