अधिवक्ता शोएब उर्फ बॉबी किदवई सुपुर्द-ए-खाक,नम आंखों के बीच उमड़ा जनसैलाब; अधिवक्ताओं में शोक और आक्रोश
बाराबंकी : जनपद में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के बाद दिवंगत अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी को शनिवार को उनके पैतृक गांव गदिया स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।नमाज-ए-असर के बाद उन्हें पूरे सम्मान के साथ मिट्टी दी गई। इस दौरान जनाजे में अधिवक्ताओं, गणमान्य लोगों और आम नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल रहा और हर आंख नम नजर आई। जैसे ही जनाजा गांव पहुंचा, उससे पहले ही गांव की अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी थीं। बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय अधिवक्ता को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहे। गांव के कई लोगों ने कहा कि वह ब्लॉक प्रमुख थे तो शोएब किदवई गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने वाले व्यक्ति थे। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया और लोगों के बीच एक सम्मानित और मददगार व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शोएब किदवई पिछले करीब 15 वर्षों से बाराबंकी कचहरी में सक्रिय अधिवक्ता थे। अपने मिलनसार स्वभाव और पेशे के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने अधिवक्ता समाज में एक विशेष पहचान बनाई थी। शुक्रवार को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। परिजनों ने बताया कि उनके छोटे भाई सोहेल किदवई, जो इंग्लैंड में नौकरी करते हैं। के आने का इंतजार किया गया। उनके पहुंचने के बाद दूसरे दिन जनाजे की नमाज अदा की गई। अपने पीछे वह पत्नी शाजिया, पुत्र अरहान और बड़े भाई अधिवक्ता जावेद किदवई सहित पूरे परिवार को गहरे सदमे में छोड़ गए हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में मातम पसरा हुआ है। जनाजे में बाराबंकी कचहरी के बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। अधिवक्ताओं ने अपने साथी की असामयिक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनका कहना है कि समाज को न्याय दिलाने वाले अधिवक्ता आज स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में अधिवक्ताओं पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। रामपुर में अधिवक्ता फारुख अहमद खान और शिवपुरी में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या की घटनाओं ने अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक सप्ताह के भीतर अलग-अलग जिलों में अधिवक्ताओं की हत्या ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है। प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय मांगा है, जिस पर अधिवक्ता समाज की नजरें टिकी हुई हैं। अधिवक्ता शोएब किदवई की हत्या से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज और जिले में शोक की लहर है। नम आंखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए न्याय की उम्मीद जताई।
रिपोर्टर : नफीस अहमद


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