टोल प्लाजा निर्माण से शहाबपुर में जल निकासी ठप ग्रामीणों में आक्रोश
मसौली बाराबंकी : गोण्डा हाईवे पर तालाब की भूमि पर टोल प्लाजा निर्माण के बाद कस्बा शहाबपुर के निवासियों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टोल प्लाजा बनने के बाद वर्षों से चली आ रही जल निकासी व्यवस्था ठप हो गई है जिससे गांव में भीषण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसको लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। कस्बे की ग्राम प्रधान अर्शीन अंसारी ने बताया कि शहाबपुर ग्राम पंचायत जनपद की दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। यह बुनकर बाहुल्य क्षेत्र है। जहां लघु एवं कुटीर उद्योग विशेषकर कपड़ा रंगाई गमछा व स्टॉल निर्माण का बड़ा कारोबार होता है। घरेलू इकाइयों और छोटे कारखानों से निकलने वाले पानी की निकासी पहले सड़क किनारे बनी नालियों और ह्यूम पाइपों के माध्यम से होती थी। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर 15 जुलाई 2023 से कई बार संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद बीते 21 फरवरी 2026 को समाधान दिवस में पुनः प्रार्थना पत्र देकर सक्षम अधिकारियों से समस्या के निस्तारण की मांग की गई। फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गोण्डा नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा निर्माण के दौरान तालाब और परती भूमि पर कार्य करते समय जल निकासी के प्राकृतिक मार्ग को बंद कर दिया गया। साथ ही जल निकासी के लिए डाले गए ह्यूम पाइपों को भी मिट्टी से पाट दिया गया जिसके अवशेष आज भी मौके पर देखे जा सकते हैं। इसके चलते गांव के किनारे बड़े पैमाने पर जलभराव हो रहा है जिससे किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से जलभराव रहने के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन और आजीविका दोनों प्रभावित होते हैं।ग्रामीणों ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि टोल प्लाजा निर्माण से बाधित जल निकासी व्यवस्था को तत्काल पुनः चालू कराया जाए, ताकि गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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