शहादत यौमे अली रज़ि. के मौके पर बड़ी मस्जिद में सैय्यद अली महमूद की सदारत में जलसा आयोजित

बाराबंकी - कस्बा फतेहपुर की बड़ी मस्जिद में हज़रत अली रज़ि. की शहादत के मौके पर "यौमे शहादत हज़रत अली रज़ि." के नाम से एक जलसा बाद नमाज़ ईशा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन तहफ्फूज ए नामूसे सहाबा की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। जलसे की शुरुआत हाफिज मोहम्मद जुबैर ने कुरआन मजीद की तिलावत से की और सरपरस्ती सैय्यद अली महमूद ने की जलसे की सदारत व तकरीर मौलाना हबीब कासमी (इमाम जामा मस्जिद व ईदगाह फतेहपुर) ने की  उन्होंने अपने बयान में हज़रत अली रज़ि. की सीरत, उनकी बहादुरी, इल्म और इंसाफ पसंदी पर रोशनी डालते हुए कहा कि उनकी जिंदगी उम्मत के लिए एक बेहतरीन मिसाल है। इस मौके पर मुफ्ती नजीब क़ासमी ने भी अपना बयान पेश किया और हज़रत अली रज़ि. की जिंदगी और उनकी कुर्बानियों पर रोशनी डालते हुए कहा कि उनकी तालीमात इंसाफ, सब्र और सच्चाई का पैगाम देती हैं। कार्यक्रम में, खतीब अल्वी, मुतवल्ली इकराम आलम अंसारी, मोहम्मद फुरकान, मोहम्मद असलम, मोहम्मद वसीम और क़ारी मोहम्मद वेस सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अंजुमन तहफ्फूज ए नामूसे सहाबा के सदर सलाहुद्दीन ने सभी मेहमानों और उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा किया।

रिपोर्टर - नफीस अहमद

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