किसान पुत्र सत्येंद्र बने जिला खाद्य विपणन अधिकारी,परिवार में खुशी की लहर
बाराबंकी : सूरतगंज ब्लॉक इलाके की तराई में स्थित ग्राम पंचायत सरसवां निवासी किसान योगेंद्र सिंह व रमा सिंह के घर जन्मे सत्येन्द्र प्रताप सिंह उर्फ विपुल कुमार सिंह का चयन लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस परीक्षा में जिला खाद्य विपणन अधिकारी के पद पर हुआ तो उनके परिवार सहित सगे संबंधियों के खुशी का ठिकाना न रहा।पीसीएस की परीक्षा में सफल हुए बेटे की शुरुआती पढ़ाई पर किसान पिता योगेन्द्र प्रताप सिंह बताते है कि सत्येन्द्र का बचपन बेहद साधारण संघर्षों के बीच बीता, जहाँ उन्होंने न केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया, बल्कि खेती-किसानी के कार्यों में भी अपने उनका हाथ बँटाया।कृषि के प्रति उनका यह जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है। उनकी शैक्षणिक यात्रा भी बेहद प्रभावशाली रही है। जहाँ उन्होंने सूरतगंज के बी.आर.जी. पब्लिक इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की और प्रधानाचार्य संजय वर्मा के बहुत प्रिय शिष्य रहे। जिसके उपरांत उन्होंने रामनगर पी.जी. कॉलेज से स्नातक (बी.ए.) में टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और फिर लखनऊ से परास्नातक (एम.ए.) की पढ़ाई के दौरान ही प्रतिष्ठित यूजीसी नेट (भूगोल) की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। उन्होंने रामनगर पी.जी. कॉलेज से बी.एड. की डिग्री हासिल की है। सत्येन्द्र के परिवार में उनके भाई अपुल कुमार सिंह सुल्तानपुर के जिला निर्वाचन कार्यालय में तैनात हैं। सत्येन्द्र ने हाल ही में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पी.सी.एस. परीक्षा का साक्षात्कार सफलतापूर्वक दिया है जिसके परिणाम का उन्हें और उनके पूरे क्षेत्र को बेसब्री से इंतज़ार है। पत्रकार दीपक सिंह सरल से दूरभाष पर बात करते हुए 25 वर्षीय पीसीएस सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिस चयन आयोग की परीक्षा में वह सफल हुए हैं यह 2024 में दी थी, जबकि 2025 की मुख्य परीक्षा वो दे रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने बाबा मुनेश्वर सिंह, माता-पिता,चाचा-चाची,बहन, भाई-भाभी बीआरजी के प्रधानाध्यापक संजय वर्मा सहित गुरुजनों को दिया है।
रिपोर्टर : नफीस अहमद
No Previous Comments found.