डीएम का ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण—गौ आश्रय से स्टेडियम तक मची हलचल, लापरवाही पर सख्त चेतावनी

बाराबंकी :  जिले में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने शुक्रवार को ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक अमले में हलचल मचा दी। गौ आश्रय स्थल, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, मंडी और निर्माणाधीन स्पोर्ट्स स्टेडियम का निरीक्षण करते हुए डीएम ने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।निरीक्षण की शुरुआत कंधईपुर स्थित गौ आश्रय स्थल से हुई, जहां डीएम ने गौवंशों के लिए भूसा, हरा चारा और साइलेज की उपलब्धता जांची।व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर भी उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी हालत में चारा-पानी की कमी न होने पाए।इस दौरान उन्होंने गौवंशों को गुड़, चना और केला खिलाकर संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया। इसके बाद सनौली में निर्माणाधीन बृहद गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और 15 दिनों के भीतर हैंडओवर प्रक्रिया पूरी कर संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही वृक्षारोपण, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से पूर्ण करने को कहा। विकासखंड बनीकोडर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति खराब मिलने पर डीएम का पारा चढ़ गया।उन्होंने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कंप्यूटर कक्ष में छात्राओं से खुद कंप्यूटर चलवाकर उनकी दक्षता परखी और शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने पर जोर दिया। नव निर्मित छात्रावास और एकेडमिक ब्लॉक में फिनिशिंग कार्यों को भी मानक के अनुरूप जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद मंडी सफदरगंज पहुंचकर डीएम ने गेहूं खरीद व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि केंद्र पर आने वाले हर किसान की उपज की खरीद सुनिश्चित हो और किसी को भी परेशानी न हो। सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रखने और पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। दिन के अंत में शहर स्थित निर्माणाधीन स्पोर्ट्स स्टेडियम का निरीक्षण करते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्था को सख्त चेतावनी दी कि इस माह हर हाल में मैदान तैयार कर आम जनता और खिलाड़ियों के लिए खोल दिया जाए।शेष कार्यों को भी गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने दो टूक कहा कि लापरवाही या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों और संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह, क्षेत्राधिकारी जटाशंकर मिश्र, तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय, नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी, बीडीओ शिवजीत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विनोद कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

रिपोर्टर :  नफीस अहमद

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