भीषण गर्मी बनी काल: शारदा नहर में डॉल्फिन और उसके बच्चे ने तोड़ा दम

फतेहपुर (बाराबंकी) : भीषण गर्मी और नहर में घटते जलस्तर ने गुरुवार को दो बेजुबान जिंदगियों को लील लिया। रींवा-सींवा गांव के पास शारदा सहायक नहर में फंसी एक मादा डॉल्फिन और उसके मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। घंटों तक दोनों नहर के उथले पानी में जिंदगी के लिए संघर्ष करती रहीं! लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों ने नहर में हलचल और तेज आवाजें सुनीं। मौके पर पहुंचने पर लोगों ने देखा कि एक बड़ी डॉल्फिन अपने बच्चे के साथ कम पानी में फंस गई है। दोनों बार-बार गहरे पानी की ओर जाने का प्रयास कर रही थीं लेकिन तेज धूप और कम जलस्तर के कारण बाहर नहीं निकल सकीं। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। वन क्षेत्राधिकारी  ने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए विशेषज्ञों की मदद से दोनों डॉल्फिन को बचाने का प्रयास किया गया। मौके पर वन्यजीव चिकित्सक भी मौजूद रहे। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद दोनों की जान नहीं बच सकी। प्रारंभिक जांच में भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक को मौत का कारण माना जा रहा है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाराबंकी भेजा गया है जहां चिकित्सकों का पैनल जांच करेगा।

घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त संसाधनों के साथ प्रभावी रेस्क्यू किया जाता, तो दोनों डॉल्फिन की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए हैं। गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है और इसकी मौजूदगी स्वच्छ जल एवं स्वस्थ पर्यावरण का संकेत मानी जाती है। ऐसे में मां और उसके बच्चे की इस दर्दनाक मौत ने क्षेत्र में संवेदनशील लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.