पूरी दुनिया में अमन पैगंबर हज़रत मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं से ही संभव: मौलाना अता उर रहमान नदवी
बाराबंकी : रामनगर में 50वां तब्लीगी इज्तिमा देश में शांति और धर्म के उत्थान की प्रार्थना के साथ संपन्न। बड़ी संख्या में धर्म-प्रेमियों ने भाग लिया।
फतेहपुर, बाराबंकी। 20 मई से बाराबंकी की तहसील रामनगर मरकज़ में आयोजित 50वां तब्लीगी इज्तिमा संपन्न हुआ। इस इज्तिमा में बड़ी संख्या में धर्म-प्रेमियों ने हिस्सा लेकर अपनी आस्था को मजबूत किया। इज्तिमा में शांतिपूर्ण और सुकून भरा माहौल का रोशनी भरा और आस्था बढ़ाने वाला नज़ारा था। यहाँ से कई जमातें ईश्वर के मार्ग में भी रवाना हुईं।
इस मौके पर इज्तिमा की मुख्य बैठक से विशेष संबोधन मौलाना अता उर रहमान नदवी, प्रमुख दारुल उलूम फतेहपुर ने किया। इससे पहले मौलाना अक़ील क़ासमी ने आस्था की मजबूती, ईमानदारी की कमाई की तलाश, शिक्षा प्राप्त करने और महिलाओं के अधिकारों पर बात रखी। उन्होंने कहा कि इस्लाम की शिक्षाओं पर चलने से ही असली तरक़्क़ी संभव है।
मौलाना अता उर रहमान नदवी ने कहा कि इस्लाम पूरी दुनिया में फैलेगा, लेकिन इसकी शर्त यह है कि मुसलमान इस्लामी कानून को अपनी ज़िंदगियों में अपनाएं, ईश्वर के आदेश को मानने को ही सफलता समझें, क्योंकि मुसलमानों की सभी समस्याओं का ईश्वर के आदेश के पालन में है।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में शांति और अमन पैगंबर हज़रत मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं पर चलकर ही स्थापित किया जा सकता है। दुखों से घिरी आज की इंसानियत, भौतिक तरक़्क़ी की ऊंचाई पर पहुँचकर भी बेचैनी में जकड़ी है। दिल और सोच का सुकून उससे बहुत दूर है। मन की शांति सिर्फ़ ईश्वरीय मार्गदर्शन में मिलती है, जो क़ुरआन और पैगंबर की शिक्षाओं के रूप में हमारे पास धरोहर है। यह अनमोल खज़ाना अब सिर्फ़ मुस्लिम समाज के पास है। इसलिए मानव जाति को इस जीवन-दायिनी जल तक ले जाना और इस रोशनी के स्रोत से पूरी दुनिया को लाभ पहुंचाना, मुसलमानों की धार्मिक और नैतिक ज़िम्मेदारी है।
मौलाना नदवी ने कहा कि मुक्ति के लिए सिर्फ़ खुद को सुधारना काफ़ी नहीं, बल्कि जिस तरह अपने कामों को क़ुरआन और पैगंबर की शिक्षाओं के अनुसार ढालना ज़रूरी है, उसी तरह दूसरे मुसलमानों को भी ईमान और अच्छे कर्मों की तरफ बुलाने की पूरी कोशिश ज़रूरी है। उन्होंने विद्वानों और धर्मगुरुओं से अपील की कि वे ज्ञान लेकर समाज में जाएं ताकि आम अज्ञानता खत्म हो सके।
इज्तिमा में स्वयंसेवकों ने मेहमानों का शानदार स्वागत किया और स्वागत शिविर का बेहतरीन इंतज़ाम किया। यातायात व्यवस्था भी स्वयंसेवकों ने खुद संभाली। प्रतिभागियों ने स्वयंसेवकों के अनुशासन और सेवा भाव की ख़ूब तारीफ़ की।
इज्तिमा के समापन पर मौलाना अता उर रहमान नदवी ने मुस्लिम समाज की भलाई, देश में शांति, आपसी भाईचारे और पूरे विश्व में अमन-ओ-अमान के लिए विशेष दुआ कराई। बड़ी संख्या में लोगों ने नम आँखों से दुआ में शिरकत की।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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