एक वर्ष से टूटी पड़ी मीरनगर रजबहा माइनर की पुलिया, ग्रामीणों में आक्रोश, जिम्मेदार अधिकारी बेपरवाह

बाराबंकी :  विकास खंड फतेहपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत मीरनगर में स्थित मीरनगर रजबहा माइनर पर बनी पुलिया पिछले एक वर्ष से अधिक समय से क्षतिग्रस्त होकर टूटी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों एवं राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते लोगों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत मीरनगर के उत्तर दिशा से मीरनगर रजबहा माइनर निकली हुई है। गांव के लोगों के आवागमन के लिए माइनर पर एक पुलिया का निर्माण कराया गया था, जो गांव को खेतों तथा अन्य मार्गों से जोड़ने का प्रमुख साधन है। करीब एक वर्ष पूर्व यह पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी और वर्तमान में इसकी स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। पुलिया के कई हिस्से टूट चुके हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन किसान अपने कृषि यंत्र, ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं फसल लेकर खेतों तक पहुंचते हैं। पुलिया टूट जाने के कारण किसानों को लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है। वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को भी आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है तथा किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर *आशीष कुमार यादव* को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिया की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया!विभागीय उदासीनता के कारण ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है!क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि जनहित को देखते हुए पुलिया का तत्काल निरीक्षण कराकर उसका पुनर्निर्माण कराया जाए। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता *राजीव कुमार* से उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके चलते समाचार लिखे जाने तक विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुलिया के निर्माण की दिशा में कार्रवाई नहीं की गई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ-साथ जनआंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विकास और जनसुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन एक वर्ष से टूटी पड़ी यह पुलिया विभागीय लापरवाही की हकीकत को उजागर कर रही है।

रिपोर्टर : नफीस अहमद

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