AEPS साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
बाराबंकी : जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने नकली फिंगरप्रिंट (क्लोन बायोमेट्रिक) के माध्यम से AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) से लोगों के खातों से धनराशि निकालने वाले एक संगठित साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, 2 थम्ब स्कैनर मशीनें तथा एक अर्टिगा कार बरामद की गई है!पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि 30 मई 2026 को प्राप्त शिकायत के आधार पर साइबर थाना में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार एवं क्लोन बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर AEPS के माध्यम से खातों से अवैध निकासी कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की थी!साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया!गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम यादव, मनीष यादव तथा नुसरत अली के रूप में हुई है। तीनों आरोपी थाना रामनगर क्षेत्र के निवासी हैं!पूछताछ में पता चला कि आरोपी लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर SahazMoney की रिटेलर आईडी बनवाते थे। इसके बाद विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से आधार संख्या, बैंक खाते, मोबाइल नंबर एवं अन्य गोपनीय जानकारियां जुटाकर क्लोन बायोमेट्रिक तैयार करते थे और AEPS के जरिए खातों से रकम निकाल लेते थे। धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को अपने एवं साथियों के खातों में ट्रांसफर कर उसका उपयोग वाहन एवं संपत्ति खरीदने में करते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, 2 थम्ब स्कैनर मशीनें तथा एक अर्टिगा कार (UP32NY5099) बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी शिवम यादव के विरुद्ध दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में साइबर अपराध के कई मुकदमे दर्ज हैं।पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने साइबर अपराधों के विरुद्ध जनपद पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रहने की बात कही है। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहने तथा अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की है।
रिपोर्टर : नफीस अहमद
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