अज्ञात जीव के काटने से बच्ची की मौत परिवार में कोहराम
फतेहपुर बाराबंकी : क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम डडियामऊ में गुरुवार सुबह हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। गांव निवासी दिलीप कुमार की सात वर्षीय पुत्री खुशी की किसी अज्ञात जीव के काटने से मौत हो गई। मासूम बच्ची की अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना को लेकर गहरा शोक व्याप्त है और लोग परिजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे खुशी अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान उसके दाहिने पैर में किसी अज्ञात जीव ने काट लिया। शुरुआत में परिजनों को घटना की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ और उन्होंने इसे सामान्य समझा। लेकिन कुछ ही देर बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे घबराहट, बेचैनी और अन्य शारीरिक परेशानियां महसूस होने लगीं। हालत ज्यादा खराब होने पर खुशी ने अपने पिता को बताया कि उसके पैर में किसी चीज ने काट लिया है।
बेटी की बिगड़ती हालत देखकर पिता दिलीप कुमार और अन्य परिजन घबरा गए। उन्होंने बिना समय गंवाए बच्ची को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर ले जाने का निर्णय लिया। परिजन उसे निजी वाहन से अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण उन्हें काफी देर तक रुकना पड़ा। परिजनों का कहना है कि यदि रास्ते में यह बाधा न आती तो शायद बच्ची को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकती थी।
काफी प्रयासों के बाद जब परिजन खुशी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर पहुंचे तो वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अवनीश चौधरी ने तत्काल बच्ची की जांच की। जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुंह से यह बात सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
घटना की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अन्नू सिंह एवं लेखपाल शिवानी शुक्ला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली। अधिकारियों ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बच्ची को किस जीव ने काटा था और उसकी मौत का वास्तविक कारण क्या था। हालांकि गहरे सदमे में डूबे परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से साफ इंकार कर दिया।
इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आवश्यक लिखापढ़ी की प्रक्रिया पूरी कराई और कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। देर शाम गमगीन माहौल में मासूम खुशी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ लोग विषैले सांप के काटने की आशंका जता रहे हैं तो कुछ अन्य जहरीले कीड़े या जीव का अंदेशा व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि पोस्टमार्टम न होने के कारण मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल मासूम बच्ची की असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है।
रिपोर्टर : नफीस अहमद
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