बेलहरा पीएचसी में डॉक्टरों की नियमित तैनाती, दवाओं की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए: अयाज़ खान

बाराबंकी - बेलहरा नगर पंचायत बेलहरा लगभग 1 लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला बेलहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार नजर आ रहा है।मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक न डॉक्टर पहुंचे,न फार्मासिस्ट।ओपीडी के बाहर दर्जनों मरीज घंटों इंतजार करते रहे, जबकि स्टाफ के आने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है।फार्मासिस्ट की कुर्सी पर बैठे रोहित ने खुद को वार्ड बॉय बताते हुए कहा, "डॉक्टर साहब अभी नहीं आए हैं। आ रहे हैं।" मरीजों में बुखार, खांसी-जुकाम से पीड़ित बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। "डॉक्टर का कोई समय नहीं, दवाएं भी नदारद"  

नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अयाज खान ने बताया, "पीएचसी में न नियमित डॉक्टर हैं। न पर्याप्त दवाइयां। हफ्ते में 2-4 दिन डॉक्टर आते भी हैं तो उनके आने-जाने का कोई समय तय नहीं।" उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है।लेकिन सुविधा न मिलने से लोग झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे हैं। इससे आर्थिक नुकसान के साथ जान का खतरा भी बना रहता है।  

मंत्री के दावों से उलट जमीनी हकीकत  

स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भले ही अस्पतालों में सुविधाएं बेहतर होने का दावा करें, लेकिन बेलहरा की तस्वीर कुछ और ही बयां करती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया, "जब 12 बजे तक डॉक्टर ही नहीं आएंगे तो इलाज कौन करेगा?" अयाज खान ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बेलहरा पीएचसी में डॉक्टरों की नियमित तैनाती, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ की समयबद्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए।इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी रंजन गौतम ने बताया कि अगर ऐसा है तो हम इसकी जांच करवाएंगे और जो भी दोसी है उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टर - नफीस अहमद

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