ओबीसी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुरूप नियुक्ति की मांग

बाराबंकी : 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में चयनित अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों ने अपनी लंबित नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी, बाराबंकी के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने मांग की कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुरूप ऊर्ध्वाधर आरक्षण में 5 प्रतिशत की छूट का लाभ देते हुए पात्र अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति पत्र जारी कराया जाए। अभ्यर्थियों ने ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, लखनऊ ने 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 के संबंध में अपनी संस्तुति में स्पष्ट रूप से कहा है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों को ऊर्ध्वाधर आरक्षण के अंतर्गत 5 प्रतिशत की छूट प्रदान करते हुए उन्हें नियुक्ति का लाभ दिया जाए।आयोग की अनुशंसा के अनुसार 150 अंकों की चयन प्रक्रिया में 60 अंक (40 प्रतिशत) प्राप्त करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर नियुक्ति प्रदान की जानी चाहिए।ज्ञापन में कहा गया कि आयोग की संस्तुति के बावजूद आज तक संबंधित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल सकी है। इससे हजारों चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। कई अभ्यर्थी वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उम्र बढ़ने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि पात्र ओबीसी अभ्यर्थियों को उनके जनपदों में नियुक्ति पत्र वितरित किए जा सकें। उनका कहना है कि इससे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी तथा सामाजिक न्याय एवं समान अवसर की संवैधानिक भावना भी मजबूत होगी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आयोग की अनुशंसा लागू होने से वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रिया का समाधान होगा और योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार प्राप्त होगा।अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से शीघ्र निर्णय लेकर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा कराने की अपील की है। इस दौरान बड़ी संख्या में ओबीसी अभ्यर्थी उपस्थित रहे। सभी ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि आयोग की संस्तुति के अनुरूप शीघ्र नियुक्ति नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी मांग को आगे भी उठाते रहेंगे। ज्ञापन के साथ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति, रिमाइंडर तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।

रिपोर्टर : नफीस अहमद

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