इस ऐतिहासिक फैसले को राज्य सरकार कों प्रभावी रूप से लागू करना चाहिए: रमाकांत वर्मा
बाराबंकी : उत्तर प्रदेश के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में तैनात अनुदेश्को से जुड़े हुए महत्वपूर्ण मामलों में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रिव्यू पिटीशन संख्या 9739 -9744/ 2065 को ख़ारिज कर दिया है। यह रिव्यू पिटी शन न्यायालय के 4 फरवरी 2026 के दिए गए आदेश के विरुद्ध सरकार द्वारा दाखिल की गई थी। माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं न्यायमूर्ति प्रसन्न बी वासले की खंड पीठ में अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पूर्व में दिए गए निर्णय में ऐसी कोई त्रुटि नहीं पाई गई जिसके आधार पर मामले पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक हो। इसके साथ ही न्यायालय ने पूर्व आदेश को यथावत ही रखा।सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय लगभग उत्तर प्रदेश में 25000 अनुदेशकों के लिए ऐतिहासिक साबित होगा लंबे समय से अनुदेशकों को न्यायपालिका से बड़ी उम्मीदें थी और उन्हें एक बार फिर सेबड़ी राहत मिली है। जनपद बाराबंकी के पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष श्री रमाकांत वर्मा ने इस फैसले पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले कोराज्य सरकार कों प्रभावी रूप से लागू करना चाहिए और संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान कर जल्द से जल्द एरियर भुगतान के लिए आदेशित करें तथा जिला अध्यक्ष जी ने यह भी बताया कि पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया के तहत कानूनी लड़ाई को जारी रखा और लंबे समय अंतराल के बाद अब हम अनुदेशको को जल्द से जल्द उनके अधिकार मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर जनपद के सभी अनुदेशक याची अमित वर्मा जो देवा ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय मोहम्मदपुर में कंप्यूटर पद पर कार्यरत है उनका भी आभार व्यक्त किया।
रिपोर्टर : नफीस अहमद
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