आज़ादी के 79 साल बाद भी सड़क का इंतज़ार: पानी, कीचड़ और बदहाली के बीच स्कूल जाने को मजबूर मासूम, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
मसौली (बाराबंकी) : बाराबंकी जिले के कस्बा मसौली के भुलीगंज तकिया मोहल्ले में विकास के दावों की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। आज़ादी के दशकों बाद भी इस मोहल्ले के लोगों को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है।
बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों का निकलना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 100 से अधिक परिवार वर्षों से सड़क और नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया।
बरसात होते ही सड़क तालाब का रूप ले लेती है और लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी उन मासूम स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जो रोज़ाना जान जोखिम में डालकर कीचड़ और पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चोटिल होने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह बंद जैसा हो जाता है।ग्रामीणों ने बताया कि गंदे पानी के लगातार जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन केवल आश्वासन मिला, काम नहीं हुआ। ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), बाराबंकी को सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र भी सौंपा है। पत्र में मांग की गई है कि मोहल्ले में लगभग 100 मीटर सड़क, नाली और इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। अब परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क और नाली का निर्माण नहीं हुआ, तो बरसात के दौरान हालात और भी गंभीर हो जाएंगे तथा किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन मौके का निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क, नाली और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराए, ताकि वर्षों से विकास की बाट जोह रहे इस मोहल्ले के लोगों को राहत मिल सके।
रिपोर्टर : सरवर अली
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