जनसंख्या नियंत्रण और जातिवाद खत्म करने के लिए नाम के साथ माता-पिता का नाम जोड़ने की उठी मांग
सिरौलीगौसपुर/बाराबंकी : जनसंख्या नियंत्रण और जातिवाद की समाप्ति को लेकर शनिवार को बार एसोसिएशन सिरौलीगौसपुर भवन में विचार गोष्ठी एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष काशी प्रसाद द्विवेदी ने की। धर्म जागरण बाराबंकी के अधिवक्ता संयोजक अमित अवस्थी ने कहा कि वर्तमान समय में देश की अनेक सामाजिक समस्याओं की जड़ अनियंत्रित जनसंख्या और जातिवाद हैं। उन्होंने कहा कि समाज में समानता स्थापित करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए आर्थिक आधार पर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए दो महत्वपूर्ण कदम आवश्यक हैं। जनसंख्या नियंत्रण और प्रत्येक व्यक्ति के नाम के साथ माता-पिता का नाम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाना। उनका कहना था कि इससे जातिगत पहचान का प्रभाव कम होगा और माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट होगी।प्रेस वार्ता में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गौतम एडवोकेट ने समतामूलक समाज की स्थापना पर बल देते हुए सामाजिक समानता को समय की आवश्यकता बताया। पूर्व प्रशासक आर्य समाज डॉ. तेज नारायण वर्मा ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए समाज को संगठित होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि नाम के साथ माता-पिता का नाम लिखने का मानक बनाया जाए तो इससे माता-पिता को सम्मान मिलेगा, सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा और जनसंख्या नियंत्रण के प्रति परिवारों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम को एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष बहोरी प्रसाद शुक्ला, मुरारी शरण दीक्षित, धनलाल रावत, विजय अवस्थी, आशुतोष, राम प्रसाद वर्मा और सत्यनाम वर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर रोहित धीमान, चंद्रभीभ गौतम, ललित यादव, राहुल वर्मा, जगदेव प्रसाद रावत, केशव राम रावत, लवकेश रावत, अरुण रावत, परमानंद रावत, कुलदीप रावत एडवोकेट, जयशंकर यादव, राकेश रावत, सुभाष चंद्र वर्मा, अंकित अवस्थी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रिपोर्टर : नफीस अहमद
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