दरगाहों में होने वाली आर्थिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए

देवा : राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के संयोजक मोहम्मद आफाक ने सूफी संत हज़रत हाजी वारिस अली शाह (रह.) की दरगाह पर हाज़िरी देने के बाद जारी एक बयान में कहा कि दरगाह परिसर में जिस प्रकार की अनियमितताएँ और कथित रूप से अपारदर्शी आर्थिक वसूली देखने को मिली। वह अत्यंत चिंताजनक है।और इस पर तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दरगाह में ज़ायरीन से विभिन्न शीर्षकों के नाम पर धनराशि वसूलने की एक व्यवस्थित व्यवस्था बना दी गई है। उनका कहना था कि दरगाह पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। जिससे लाखों रुपये की आय होने की संभावना रहती है। लेकिन इस आय का हिसाब-किताब, उसका उपयोग तथा उसकी निगरानी किस प्रकार की जा रही है। इसकी कोई स्पष्ट जानकारी आम जनता के सामने उपलब्ध नहीं है। मोहम्मद आफाक ने आरोप लगाया कि दरगाह के आसपास वाहनों की पार्किंग के नाम पर मनमाने ढंग से शुल्क वसूला जा रहा है। साथ ही, दरगाह पर हाज़िरी देने आने वाले श्रद्धालुओं से हज़रत हाजी वारिस अली शाह (रह.) के नाम पर जबरन चंदा या धनराशि लेने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से नज़राना या चंदा देना चाहता है तो यह उसका अधिकार है।लेकिन किसी भी धार्मिक स्थल पर दबाव डालकर धनराशि वसूलना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल आस्था, आध्यात्मिकता, भाईचारे और जनविश्वास के प्रतीक होते हैं।इसलिए इनके प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान का उपयोग जनकल्याण, दरगाह के रखरखाव तथा सामाजिक कार्यों में किया जा रहा है, तो उसका पूरा विवरण भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

रिपोर्टर : नफीस अहमद

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