जमीअत उलमा यूनिट फतेहपुर की विचार विमर्श बैठक का आयोजन
फतेहपुर - बाराबंकी तहज़ीब और अदब के लिए तालीम बहुत ज़रूरी है। आज के दौर में समाज की भलाई और तरक़्क़ी के लिए हमें अपने बच्चों की तालीम के लिए मस्जिदों में मकतब क़ायम करना बहुत ज़रूरी है। उक्त विचार मस्जिद किला तहसील फतेहपुर में जमीअत उलमा यूनिट फतेहपुर द्वारा आयोजित बैठक में जमीअत उलमा के जनरल सेक्रेटरी मौलाना जमाल अहमद क़ासमी ने व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा कि मस्जिदों में क़ायम मकतबों से हमारे बच्चों को दीनी व असरी तालीम आसानी से मिल सकेगी। जमीअत उलमा बाराबंकी के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद उल्लाह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज नई नस्ल रिफाही कार्यों से बहुत दूर होती जा रही है इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि जमीअत के जरिए बग़ैर किसी भेदभाव के हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई सभी इंसानों की मुमकिन खिदमत की जाए और नई नस्लों को नेक कामों से जोड़ा जाए। समाज में ब्लड डोनेशन कैम्प, मेडिकल कैम्प लगाए जाएं जिससे ज़रूरत मंदों की मदद हो सके। हाफिज वक़ार की तिलावत से शुरू होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता जमीअत उलमा यूनिट फतेहपुर के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साबिर क़ासमी ने की और संचालन के दायित्व का निर्वाहन जमीअत उलमा यूनिट फतेहपुर के सचिव एडवोकेट अहमद सईद हर्फ़ ने किया। बैठक में यह भी तय पाया गया कि रबीउल अव्वल के महीने में सीरतुन्नबी के जलसे भी आयोजित किये जाएं ताकि लोग मोहम्मद सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की मुबारक सीरत को जान सकें और उस पर अमल कर सकें। गाँवों में भी यूनिट बनाई जाएँ और सदभावना कमेटियां बनाई जाएँ ताकि आपस के मसअले थानों और अदालतों तक न जाएं और उनका निस्तारण सदभावना कमेटियां करा दें। इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद ज़ैद, क़ारी ज़ाकीउल्लाह, शाकिर बहलीमी, पत्रकार जावेद अख़तर, आज़म अली, हाफिज उस्मान, हाफिज मुतीनुल हक़, मौलाना नाज़िम बेग, मो0 अक़ीक़ पप्पू, हाफ़िज़ ज़कारिया आदि लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्टर - नफीस अहमद
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