लेखपालों ने किया तहसीलदार कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन

फतेहपुर बाराबंकी : आज बाराबंकी के फतेहपुर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की फतेहपुर तहसील इकाई ने एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन (एसीओ) और विजिलेंस विभाग द्वारा लेखपालों के खिलाफ की जा रही ट्रैप कार्रवाई का विरोध किया है। संघ ने तहसीलदार कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की और उपजिलाधिकारी फतेहपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें कथित गलत, अनुचित और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।

ज्ञापन में लेखपाल संघ ने बताया कि राजस्व विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों और विभिन्न दबावों के बीच शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपदा प्रबंधन, वरासत, पैमाइश, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने जैसे अनेक राजस्व कार्यों की जिम्मेदारी लेखपालों पर होती है। संघ का आरोप है कि इसके बावजूद कुछ लोग निजी स्वार्थ, पुरानी रंजिश या दुर्भावना के चलते झूठी शिकायतें कर कर्मचारियों को फंसाने का प्रयास करते हैं।

संघ ने अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में हुई ट्रैप कार्रवाई का हवाला देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्राथमिक स्तर पर निष्पक्ष जांच के बिना कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से उनका मनोबल प्रभावित होता है।

लेखपाल संघ के अनुसार, इसी मुद्दे को लेकर 20 अगस्त को प्रदेश के 75 जनपदों की 351 तहसीलों में लेखपालों ने एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल कर विरोध दर्ज कराया था। संघ ने मांग की है कि सोहावल प्रकरण की जांच पुलिस विभाग से अलग किसी निष्पक्ष एजेंसी अथवा एसआईटी से कराई जाए। जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी शामिल करने की मांग की गई है।

संघ ने यह भी मांग रखी कि केवल शिकायतकर्ता के मौखिक आरोपों के आधार पर ट्रैप कार्रवाई न की जाए। शिकायतकर्ता की पुरानी रंजिश, निजी स्वार्थ और आपराधिक इतिहास की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाए। साथ ही, एसीओ और विजिलेंस टीमों के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने तथा झूठी शिकायत पाए जाने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

तहसील अध्यक्ष आशीष कुमार और तहसील मंत्री हिमांशु वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि राजस्व कर्मचारियों को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अवसर मिलना चाहिए। संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है। इस दौरान साकेंद्र रावत, सर्वेश यादव, कपिल देव, अमिता वर्मा, कल्पना रावत, प्रिया सिंह, दीपक वर्मा, रवीन्द्र मौर्या, राजेश यादव, उमेश पाठक, भानू रावत सहित समस्त लेखपाल मौजूद रहे।

रिपोर्टर : नफीस अहमद

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